टीकमगढ़। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम सीडीपी अंतर्गत स्टेक होल्डर के साथ परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। बैठक में कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने उपस्थित किसानों, एफ.पी.ओ. तथा सृजन संस्था के पदाधिकारियों से उनका परिचय लिया तथा उनकी कृषि कार्य में संलग्नता के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसान भाई शासकीय एवं अर्धशासकीय संस्थाओं के समन्वय से जिले में एक क्लस्टर तैयार कर सकते हैं जो जिले में अर्थव्यवस्था और रोजगार के सृजन में सहयोग करेगा। बैठक कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने कृषि विभाग तथा उद्योग विभाग को निर्देश दिए कि युवाओं, आजीविका मिशन की टीम और प्रगतिशील किसानों के साथ मिलकर क्लस्टर निर्माण प्रकिया को संभव बनायें। उन्होंने कहा कि कृषि कार्य में की जाने वाली गतिविधियां जैसे कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, स्प्रिंकलर, मलचिंग, ड्रिप इरीगेशन सिस्टम, नेट हाऊस, पॉली हाउस आदि से छोटे किसानों को परिचित कराया जाए तथा किसानों एवं एफपीओ के लिए कृषि संवर्धन हेतु एक ट्रेनिंग प्रोग्राम भी बनाया जाए। श्री श्रोत्रिय ने कहा कि सीडीपी प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग कृषि कार्यों में संलग्न छोटे एवं बड़े किसानों को एक साथ एक माहौल में कार्य करने के लिए प्रेरित करना तथा उनको शासकीय योजनाओं के सहयोग से आगे बढ़ाना है। उन्होंने किसानों से कहा कि जिले में एक ऐसे कृषि उत्पाद का चयन करें जो जिले को एक नई पहचान दिला सके। उन्होंने कहा कि जिस तरह टीकमगढ़ की शिमला मिर्च को सिलीगुड़ी तक भेजा जा रहा है उसी तरह कृषि, उद्यानिकी एवं अन्य उत्पादों को भी नई सोच के साथ विकसित करने की योजनाएं बनायें। उन्होंने कृषि एवं उद्यानिकी को उद्योग के साथ विकसित करने के लिए भी चर्चा की। उन्हांेने कहा कि टीकमगढ़ में उद्योग का लिमिटेड स्कोप है। अतः उद्यानिकी को यदि उद्योग संवर्धन से जोड़ दिया जाता है तो यह कृषि कल्याण के लिये एक अच्छा कदम होगा। इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष श्री शिवमोहन गिरी, जीएमडीआईसी श्री राजषेखर पांडे, सहायक संचालक उद्यानिकी श्री अजय रोहित, डीडी विटनरी डॉ. आरके जैन, कृषि विज्ञान केन्द्र टीकमगढ़ के वैज्ञानिकों सहित संबंधित अधिकारी तथा किसान भाई उपस्थित रहे।

