टीकमगढ़। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला न्यायाधीश,अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती प्रवीणा व्यास के मार्गदर्शन में आज जिला जेल, श्रेया बाल गृह, वन स्टाॅप सेंटर, किशोर न्याय बोर्ड, टीकमगढ़ में बाल संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती सुनीता गोयल, द्वारा जिला जेल एवं श्रेया बाल गृह, में निरीक्षण सहित विधिक साक्षरता शिविर किया गया। जिसमें खाने-पीने की सामग्री, साफ-सफाई, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली गई एवं जेल में निरूद्ध बंदीयों को उनके अधिकारों की जानकारी दी। जेल में निरूद्ध महिला बंदी द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराये जाने का निवेदन किया जिस पर से उन्हें तत्काल विधिक सहायता उपलब्ध कराई गई। बाल गृह, टीकमगढ़ में उपस्थित बच्चों को बताया कि शिक्षा प्राप्त करने के क्या फायदे है। साथ ही बाल संरक्षण सप्ताह के संबंध में बताया कि किसी भी परिस्थिति या स्थान में बाल अधिकारों के उल्लंघन के जोखिम को कम रकने के लिए जोखिम प्रबंधन की आवश्यकता है। इसलिए बाल संरक्षण वह साधन है जिसके माध्यम से बच्चे के अन्य सभी अधिकारों को बरकरार रखा जा सकता है। वन स्टाॅप एवं किशोर न्याय बोर्ड द्वारा टीकमगढ़ विधिक जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं एवं सामान्यजन को उनके अधिकारों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। किशोर न्याय बालकों की देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम, 2015 के बाल कल्याणकारी प्रावधान की जानकारी दी। वन स्टाॅप सेंटर के बारे में बताया कि यह एक ऐसी जगह है जहां महिलाओं को हिंसा से संबंधित मामलों में एक ही छत के नीचे सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण गरीब, असहाय, महिलाओ, बच्चों और श्रमिकों के लिए हमेशा तत्पर है साथ ही जागृति योजना, संवाद योजना, डान योजना, वृद्धों को पेंशन योजना, निःशुल्क विधिक सहायता योजना एवं अन्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर जिला जेल, किशोर न्याय बोर्ड के पदाधिकारी, वन स्टाॅप सेंटर, विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण एवं अधिक संख्या में छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।

