टीकमगढ़। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातम मनाया जा रहा है। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार साल के पहले महीने मोहर्रम की 10वीं तारीख को आशूरा मनाया जाता है। इस दिन निकलने वाले जुलूस के दौरान करबला की जंग का जिक्र किया जाता है, जहां हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों ने अन्याय के खिलाफ लड़ते हुए शहादत दी थी। रविवार को टीकमगढ़ शहर सहित जिले भर में ताजिए निकाले गए हजरत पैगंबर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम का मातमी पर्व मुस्लिम भाइयों ने पूर्ण अकीदत व अहतराम के साथ मनाया। अकीदतमंदों ने ताजिये का जुलूस निकाला। मोहम्मदी रंग में रंगे मुस्लिम भाइयों ने या अली या हुसैन के नारे लगाकर कर्बला की जंग को ताजा कर दिया। इस अवसर पर हिंदू व मुस्लिम समाज के लोगों ने शिरकत कर कौमी एकता व आपसी भाईचारे का संदेश दिया। 06 जुलाई को शाम 05 बजे अपने अपने स्थल से ताजिया तैयार होकर रात्रि 09 बजे तक मानस मंच तक एकत्रित हुऐ रात्रि नजरबाग मिश्रा चौराहा कटरा बाजार छोटीदेवी मंदिर स्टेट बैंक चौराहा होते हुए वापिस तथा गांधी चौराहा स्टेट बैंक चौराहा सुभाष बुक डिपो एसडीओपी ऑफिस तालदरवाजा होते हुए शासन द्वारा निर्धारित विसर्जन कुण्ड पर पहुंचे इसी के साथ रात्रि में विसर्जित हुए। साथ ही विसर्जन कुण्ड के पास पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नाव सहित गोताखोर मय उपकरण के एवं केन व्यवस्था रही इमरजेंसी गया। में एक पायर बिग्रेड चिकित्सा वाहन मय चिकित्सक टीम के रखे गए । मानस मंच पर ताजिया देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। वहीं इसके बाद रात 10 बजे कर्बला के लिए रवाना हुए। मातमी धुनों के बीच ताजिया निकाले गए। उसके बाद उन्हें ठंडा किया गया।