प्रदीप गुप्ता/ नर्मदापुरम/ जल ही जीवन है यह कहावत चरितार्थ हो रही है अन्यथा नहीं, यह तो फोटो देख कर ही पता लगेगा। बता दें कि खेड़ापति हनुमान मंदिर में विगत 10 दिनों से पंप हाउस के 4 इंची पाइप से हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है सुध लेने वाला कोई नहीं जिम्मेदार बेखबर। शासन का पानी बचाओ जीवन बचाओ का नारा नारा बनकर ही रह गया है। इन बातों का अमल कोई नहीं कर रहा है या यूं कहो कि शहर में पानी की कमी नहीं होने से उसकी कीमत भी कोई नहीं समझ रहा है और यह भी सभी जानते हैं कि दूरस्थ इलाकों में प्याज पहुंचाने के लिए एक घड़ा पानी लेने के लिए भी कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।

