टीकमगढ़। लगातार हो रही तीन दिनों से बारिश के चलते पूरा जिला जलमंग्न हुआ है वही बारिस ने कहीं-कहीं कहर भी बरपाया है जहां लोगों के कच्चे मकान ढह गए हैं और लोगों के घरों में पानी भर गया है एवं नगर टीकमगढ़ के कई क्षेत्रों में लोगों के घरों में नालियों की सही व्यवस्था न होने से पानी भरा है और लोग परेशान हुए हैं अति वर्षा से लोगों का दिनचर्या भी गड़बड़ हुआ है और रोजमर्रा के कार्य भी लोगों के प्रभावित हुए हैं टीकमगढ़ नगर के टीकमगढ़- सागर मार्ग को जोड़ने वाला राजशाही पुल पपौरा चौराहे का कुछ धरासाही हुआ है जिसकी दीवार गिरने से नगर का कई मार्गों का संपर्क टूट गया एवं नगर के कई मार्ग यातायात के दबाव में दिखे जहां स्टेट बैंक चौराहा से पपौरा चौराहा, लक्ष्मी टॉकीज रोड, कटरा बाजार और जवाहर चौक सहित कई क्षेत्रों में यातायात का भारी दबाव दिखा जिसके चलते लोगों को आने- जाने में भारी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है पपोरा चौराहे की घटिया के पुल की दीवार क्षतिग्रस्त होने से नगर का काफी यातायात डिस्टर्ब हो गया है और लोग परेशान भी हो रहे हैं हालाकि प्रशासनिक तौर पर इसकी व्यवस्था जल्द से जल्द कराए जाने के निर्देश जिला कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने दिए हैं जहां उन्होंने स्वयं पहुंचकर पूरे इस क्षेत्र का स्थल निरीक्षण किया था और तमाम संबंधितों को निर्देशित भी किया है कि जल्द से जल्द यहां की व्यवस्था सुगम कराई जाए । वहीं दूसरी ओर टीकमगढ़ का महेंद्र सागर तालाब भी करीब 15 -16 वर्षों के बाद पूरी तरह से भरकर लबालब हुआ है और जिले के नदी-नाले भी उफान पर हैं कुआ तालाब भी पूरी तरह से भर चुके हैं इसे इंद्रदेव की कृपा ही लोग समझ रहे हैं हालाकि लोगों का इस बार वारिस होने को लेकर कहना है और कई अनुमान भी लोग लगाकर अपनी-अपनी बात बारिश को लेकर कर रहे हैं । अति वर्षा के चलते कई मार्गों का संपर्क भी टूट गया जहां नदी नाली तूफान पर हैं जिसके कारण मार्गों का संपर्क टूट रहा और आवागमन भी बंद रहा। —–वारिस को लेकर लोगों का कहना —- इस बार जो जोरदार बारिश वारिस का मौसम शुरू होती ही जो हुई है उसको लेकर लोग तरह-तरह के अनुमान लगा रहे हैं और लोग अपने-अपने हिसाब से बारिश को लेकर बात भी कर रहे हैं कई लोगों का कहना है कि भगवान इंद्रदेव की कृपा इस बार हुई है जिसके चलते मौसम के शुरुआत में ही इतनी जोरदार बारिश हुई है। वहीं कुछ लोगों का यह भी मानना है कि शायद प्रकृति में भी कुछ बदलाव हुआ है जिसके चलते जहां पेड़-पौधे लगाए गए हैं लोगों ने प्रकृति में हरा भरा करने का संकल्प लिया है उसकी वजह से भी बारिश का अनुपात बड़ा है इस प्रकार तरह-तरह के अनुमान लोग बारिश के होने को लेकर लगा रहे हैं। —–लेकिन किसान हुआ मायूस—- जहां एक और जोरदार बारिश होने से लोगों में खुशी भी और गम भी, क्योंकि किसान बेचारा दुखी और मायूस दिख रहा है जिसका मुख्य कारण यह है कि अति वर्षा के चलते किसानों को बोवनी का समय ही नहीं मिल पाया और इस बार किसानों ने बोवनी नहीं कर पाई जिसके चलते किसान दुखी है हालाकि कुछ-एक किसानों ने बोवनी थोड़ी बहुत कर भी दी थी तो उनकी फसलों का बीज लगातार बारिस से खेतों में ही मर गया जो पौधा नहीं बन पाया किसानों का कहना है कि यही फसल तो आगामी फसल के लिए सहायक बनती थी लेकिन भगवान की कृपा ऐसी हुई कि बोवनी का उन्होंने समय ही नहीं दिया लगातार अति वर्षा के चलते किसानों के चेहरे दुखी और मायूस दिखाई दे रहे हैं।

