
पिपरिया / मंगलवार को पिपरिया न्यायालय ने एक फैसला सुनाते हुए नाबालिक अपहरण एवं बलात्कार मामले में आरोपी को 20 वर्ष का साश्रम कारावास की सजा सुनाई है । मामले में जानकारी देते हुए सहायक जिला अभियोजन चौधरी विक्रम सिंह ने बताया कि 1 वर्ष पूर्व पिपरिया से समीप रहने वाली नाबालिक लड़की जो कि दिनांक 15/07/2024 बीमार होने पर महेश्वरी क्लिनिक इलाज कराने गई हुई थी घर वापस नहीं लौटी। जिसकी शिकायत परिजनों ने मंगलवारा थाना क्षेत्र के सांडिया चौकी में दर्ज कराई थी। गुमशुदगी की रिपोर्ट पर मामला कायम कर नाबालिक की तलाश शुरू की गई। जिसमें नाबालिक बालिका को 15 दिन बाद कड़ी मेहनत के बाद ढूंढ़ लिया गया। पूछताछ के दौरान नाबालिक ने घटना की जानकारी पुलिस को दी जिसमें पिपरिया से संदीप चौधरी नामक युवक द्वारा नाबालिक को पिपरिया से मानवाड एवं शिर्डी ले जाना बताया गया। साथ ही इसके साथ शारीरिक शोषण की भी बात कही गई। आयोजन द्वारा न्यायालय में 18 साक्षियों को पेश किया गया एवं DNA रिपोर्ट में भी आरोपी द्वारा नाबालिक के साथ दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि की गई। न्यायालय ने सभी साक्षियों के बयान एवं सबूतों पर आरोपी को पास्को एक्ट में दोषी करार दिया एवं 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई । उक्त मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी सहायक जिला अभियोजन चौधरी विक्रम सिंह एवं निधि शर्मा ने की। साथ ही उक्त मामले की सम्पूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी मांगलवारा गिरीश त्रिपाठी और सांडिया चौकी प्रभारी उप निरीक्षक किशन उइके, प्रधान आरक्षक सुरेंद्र शिल्पी, आरक्षक अजय सिंह चौहान, प्रेम शिल्पी ने की ।

