टीकमगढ़। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ग्राम पंचायत माडूमर में मानवीय संवेदना समिति ने इंसानियत और अपनत्व की मिसाल पेश की। समिति के सदस्य गांव की तीन अनाथ बच्चियों के बीच पहुंचे और उनके साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाकर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी।
इस दौरान समिति के सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने बच्चियों को नए कपड़े, राखियां, मिठाई, उपहार राशि सहित अन्य आवश्यक सामग्री भेंट की। पर्व के बीच मिले इस अपनत्व से बच्चियों के चेहरे खिल उठे।
समिति के सचिव मनीराम कठैल ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज के हर उस व्यक्ति को सुरक्षा, स्नेह और अपनत्व का अहसास कराने का अवसर है, जिसे इसकी सबसे अधिक जरूरत है।
समिति के मार्गदर्शक स्वतंत्र कुमार जैन ने कहा कि माता-पिता का साया छिन जाने के बाद भी बच्चियां खुद को अकेला महसूस न करें, इसी भावना के साथ समिति उनके बीच पहुंची और उनके साथ पर्व की खुशियां साझा कीं।
समिति अध्यक्ष देवेन्द्र योगी ने कहा कि बच्चियों की शिक्षा और भविष्य की मूलभूत जरूरतों के लिए समिति हरसंभव सहयोग करेगी। उन्होंने इस संकल्प को आगे भी जारी रखने की बात कही।
कार्यक्रम का संचालन अंशुल नायक ने किया। ग्राम पंचायत माडूमर की सरपंच भावना अवधेश तिवारी एवं गजेन्द्र सिंह परमार ने समिति की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सामाजिक समरसता, सेवा और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर सोबरन सिंह राजपूत, राजेन्द्र सिंह परमार, रमेश प्रसाद कुशवाहा, जगदीश चढ़ार, अजुद्दी रैकवार, देवेन्द्र सिंह राजपूत, आशाराम रैकवार, परमानंद कुशवाहा सहित समिति के रमेश खरे, इरफान अहमद, मधुर गुप्ता, कल्लू विश्वकर्मा एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

