टीकमगढ़। पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में टीकमगढ़ पुलिस ने सामाजिक कुरीतियों और अपराधों के विरुद्ध एक विशेष जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य है— समाज में सुरक्षा, संवेदनशीलता और जागरूकता की संस्कृति को बढ़ावा देना तथा पुलिस-जनता के बीच विश्वास और सहयोग का सेतु मजबूत करना।
अभियान की प्रमुख विशेषताएँ
पुलिस-जन सहयोग : आपसी भरोसे और संवाद पर बल।
समावेशी प्रयास : आदिवासी, ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों को प्राथमिकता।
सक्रिय सहभागिता : महिलाओं, युवाओं और समाजसेवियों की विशेष भूमिका।
अभियान अंतर्गत गतिविधियाँ
गाँवों में चौपाल, जन-जागरूकता शिविर और खुली बैठकों का आयोजन।
नागरिकों को उनके अधिकारों व कर्तव्यों की जानकारी।
प्रत्येक थाने में साप्ताहिक जनसुनवाई एवं जनसंपर्क कार्यक्रम।
सामाजिक समस्याओं पर खुली चर्चा और समाधान की दिशा में कदम
17 अगस्त 2025 की चर्चाओं के प्रमुख मुद्दे
दहेज प्रथा और बाल विवाह का उन्मूलन।
नशाखोरी और भ्रूण हत्या पर सख्त रोक।
बाल मजदूरी, लैंगिक भेदभाव और घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूकता।
बुजुर्गों की देखभाल और पारिवारिक एकता को बढ़ावा।
विवाह समारोहों में अनावश्यक खर्च व ध्वनि प्रदूषण कम करने की अपील।
विशेष फोकस क्षेत्र
दूरस्थ आदिवासी एवं सीमावर्ती गाँव।
शिक्षा व स्वास्थ्य से वंचित क्षेत्र।
झुग्गी-बस्तियाँ और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग।
चालू प्रमुख पहलें
नशा मुक्त समाज हेतु सतत जन-जागरूकता कार्यक्रम।
महिला सुरक्षा योजनाएँ— नीड, परी, भरोसा, सहारा, आसरा एवं लैला-मजनू नियंत्रण अभियान।
प्रतिभा सम्मान योजना— ग्रामीण युवाओं को प्रोत्साहन।
एसपी मनोहर सिंह मंडलोई का संदेश
“जब तक समाज में बुराइयाँ बनी रहेंगी, विकास अधूरा रहेगा। बदलाव तभी संभव है, जब पुलिस और जनता एकजुट होकर कदम बढ़ाएँ।”
पुलिस की अपील
टीकमगढ़ पुलिस ने नागरिकों से आह्वान किया है—
“आइए, सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध एकजुट हों और मिलकर एक सुरक्षित, जागरूक एवं संवेदनशील समाज का निर्माण करें।”

