प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि लोक अदालत में आपसी समझौते योग्य प्रकरणों जैसे— आपराधिक शमनीय मामले, चैक बाउंस, बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना दावा, विद्युत विवाद, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, भू-अधिग्रहण संबंधी प्रकरण रखे जाएंगे।
इसके अलावा बैंक रिकवरी, नगर पालिका, जलकर एवं विद्युत संबंधी प्री-लिटीगेशन प्रकरणों का भी निपटारा आपसी सहमति से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि म.प्र. शासन ने विद्युत प्रकरणों के निराकरण हेतु लिटिगेशन एवं प्री-लिटिगेशन स्तर पर छूट प्रदान करने के निर्देश जारी किए हैं। नेशनल लोक अदालत के सफल संचालन हेतु शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकें आयोजित की जा रही हैं एवं आमजन को जागरूक करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
प्रधान जिला न्यायाधीश ने अपील की कि पक्षकार आपसी समझौते से प्रकरण का निराकरण कराएं और नेशनल लोक अदालत का लाभ उठाकर इसे सफल बनाएं।
इस अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती सुनीता गोयल, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री अनुज कुमार चंसौरिया, जिला जनसंपर्क अधिकारी सुश्री शैफाली तिवारी सहित प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

