टीकमगढ़ । पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई द्वारा जिले वासियों को साइबर अपराध से बचने हेतु जिला स्तरीय साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता अभियान* संचालित किया जा रहा है,साथ ही साइबर अपराधियों के नए तरीकों से सतर्क करने हेतु साप्ताहिक साइबर सुरक्षा एडवाइजरी भी जारी की जा रही है। आमजन से अपेक्षा है कि आज प्रसारित इस एडवाइज़री में बताई गई कार्यप्रणाली एवं सावधानियों को समझकर जागरूक बनेगे । —-साइबर अपराधियों का नया तरीका—
वर्तमान में सायबर अपराधियों द्वारा बैंक के ग्राहकों के इंटरनेट बैंकिंग एप की जानकारी को इस्तेमाल कर पैसा फ्रॉड किया जा रहा है । किसी माध्यम से लोग इन आईडी और पासवर्ड प्राप्त कर उनके द्वारा अकांउट में से कुछ राशि की ईटीडीआर फिक्स डिपाजिट कर दी जाती है। इस प्रक्रिया में ओटीपी की आवश्यकता नहीं होती। इसमें आपके बैंक खाते से रुपये कट कर एक नया एफडी खाता बन जाता है और बैलैन्स में उतने रुपये कम दिखाई देते है। एफडी के बनने से संबंधित एसएमएस आपके मोबाइल नम्बर पर प्राप्त होता है जिसमें ईटीडीआर, ईएस टीडीआर के सांथ एफडी की राशि का उल्लेख होता है। जिसे पढने पर ऐसा प्रतीत होता है कि आपके खाते से उक्त राशि निकाल ली गयी है। इसी संदर्भ में ठगों द्वारा फोन कॉल पर बैंककर्मी बनकर खाते संबंधी डिटेल्स बताते हैं, जिससे आपको विश्वास हो जाता है कि वह बैंककर्मी ही हैं। फिर ऐसा कहते हैं कि, डेबिट रोकने के लिए आपको आगे प्रोसेस करके पैसा रुकवाना होगा। फिर रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर आये ओटीपी को पूछते हैं, और जैसे ही आप अपना ओटीपी बताते हैं, आपके खाते से शेष राशि धोखाधडी पूर्वक निकाल ली जाती है। इस संबंध में एस.बी.आई ने भी ग्राहकों के लिए अलर्ट जारी किया है।
—विशेष सावधानियाँ—- बैंक स्टेटमेंट में ईटीडीआर-ईएसटीडीआर के रुप में डबिट हुई राशि असल में डेबिट नहीं होती है, और खाते में ही रहती है। ईटीडीआर ईएसटीडीआर का मतलब होता है राशि एफडी के रुप में आपके बैंक अकाउंट में सुरक्षित है। किसी भी हाल में ओटीपी , सी व्ही व्ही, एक्सपायरी डेट ऑफ बर्थ जानकारी शेयर ना करें। सदैव बैंक से प्राप्त होने वाले मैसेज को ठीक से पढ़ें, समझ न आने पर किसी जानकार व्यक्ति या बैंक जाकर बैंक अधिकारियों की मदद लें, क्योंकि खाते की राशि को फिक्स्ड डिपॉजिट टीडीआर एसटीडीआर करने के लिये ओटीपी की आवश्यकता नहीं होती इसी कारण ठगी करने वाला आपकी इंटरनेट बैंकिंग को एक्सेस कर राशि की एफडी बना देते हैं, जो बैंक स्टेटमेंट में भी डेबिट दिखाता है। यदि आप ऑनलाइन बैंकिंग उपयोग करते हैं तो समय समय पर उसका पासवर्ड बदलते रहें। अपने पासवर्ड को मन में याद रखें किसी के सांथ साझा न करें न ही उसे कहीं लिख कर रखें। कभी भी किसी भी प्रकार के ओटीपी को किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। क्योंकि कोई भी बैंक आपसे आपका ओटीपी नहीं पूछता। सांथ ही किसी भी प्रकार के अन्जान मेल अथवा मैसेज पर प्राप्त लिंक पर विश्वास न करें, और न ही ऐसी लिंक के माध्यम से खुले वेब पेजों पर अपनी निजी व बैंक अकाउंट संबंधी जानकारी डालें।—-साइबर अपराध होने पर तत्काल सूचना करें,राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930,शिकायत पोर्टल एनसीआरपी पोर्टल,नजदीकी थाना में स्थापित साइबर हेल्प डेस्क , जिला साइबर सेल से आदि पर संपर्क करें।
आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यम अनुसार नवीन जागरूकता जानकारी हेतु पुलिस अधीक्षक के ऑफिसियल सोशल मीडिया अकाउंट को फॉलो करें ।
Services And Contact
Latest News
Contact info : narmadasamay@gmail.com / +917974372722

