टीकमगढ़,। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय तथा पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई की उपस्थित में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय शांति समिति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक मे आगामी पर्व,त्यौहार 27 अगस्त गणेश चतुर्थी, 03 सितम्बर डोलग्यारस, 5 सितम्बर मिलाद-उन-नबी, 6 सितम्बर अनंत चतुर्दशी एवं नवरात्रि, विजयदशमी मनाये जाने के संबंध में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतु चर्चा की गई तथा आवश्यक निर्देश दिये गये। बैठक में कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने जिलेवासियों से पर्व को सौहार्दपूर्ण एवं परम्परा के अनुरूप मनाने की अपील करते हुए त्यौहारों की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी से सद्भावना एवं शांतिपूर्ण ढंग से त्यौहार मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी पर प्रतिमा रखने वाले स्थानों की जानकारी एकत्रित की जाये। उन्होंने कहा कि इस दौरान मिट्टी की मूर्तियां रखने हेतु प्रोत्साहित किया जाये। मूर्ति की ऊंचाई शासन की गाईड लाईन द्वारा निर्धारित रखी जाये तथा चल समारोह तय रूट अनुसार ही निकाला जाये। पंडालों के चलते ट्राॅफिक व्यवस्था व्यवस्थित तरीके से रहे तथा पंडालों से दूर मांस मदिरा की दुकानें हटवाई जायें एवं साफ-सफाई बनी रहे। श्री श्रोत्रिय ने कहा कि आगामी जल विहार परंपरागत तरीके से किया जाये किसी भी प्रकार की र्धामिक भावनायें आहात नहीं हो यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि मूर्ति विसर्जनों के दौरान होमगार्ड के जवान तैनात रहे। उन्होंने नगरीय निकाय को निर्देशित किया कि विसर्जन स्थलों पर माइक, टेन्ट, फायर बिग्रेड, विसर्जन स्थलों पर साफ-सफाई, क्रेन की व्यवस्था रहे। त्यौहारों के दौरान शहर में विद्युत व्यवस्था सुचारू रहे, बाधित न हो। उन्होंने कहा कि डीजे तथा साउंड सिस्टम की ध्वनि नियमानुसार रखी जाये। पुलिस अधीक्षक श्री मंडलोई ने कहा कि सौहार्दपूर्ण तरीके से त्यौहार मनाया जाये। प्रशासन और पुलिस शांति व्यवस्था को बनाये रखने के लिए हर संभव प्रयास सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि आम जन के सहयोग से पर्व के दौरान बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जायें। बैठक में उपस्थित शांति समिति के सदस्यों ने भी अपने सुझाव रखे, जिसके संबंध में व्यावहारिक कार्यवाही करने की बात कही गई।इस अवसर पर विवेक चतुर्वेदी, एसडीएम टीकमगढ़ श्रीमती संस्कृति मुदित मिश्रा, तहसीलदार टीकमगढ़ सतेन्द्र सिंह गुर्जर, पुलिस अधिकारी, संबंधित अधिकारी, धार्मिक गुरू सहित शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

