टीकमगढ़ । नवोदय विद्यालय टीकमगढ़ की छात्रा आस्था अहिरवार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई का कहना है कि इस घटना ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना ने न केवल मृतका के परिवार को गहरा आघात पहुँचाया है बल्कि समाज में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और सच्चाई को उजागर करने के लिए पुलिस प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए बहुआयामी कदम उठाए हैं।—-विशेष जांच टीम एसआईटी का गठन पुलिस अधीक्षक द्वारा अनुभवी अधिकारियों की एक विशेष जांच टीम गठित की गई है। यह टीम विभिन्न पहलुओं पर गहराई से पड़ताल कर रही है। पुलिस अधीक्षक स्वयं एसआईटी की प्रगति की सतत समीक्षा कर रहे हैं।—-परिजनों और संबंधित पक्षों से पूछताछ—मृतका के माता-पिता, परिजनों, सहपाठियों और विद्यालय प्रबंधन से बयान दर्ज किए जा रहे हैं। व्यक्तिगत, सामाजिक और शैक्षणिक परिस्थितियों को भी जांच के दायरे में लिया गया है।—-वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग—-एफएसएल की विशेषज्ञ टीम घटनास्थल और साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है। साथ ही तकनीकी विशेषज्ञ डिजिटल और अन्य प्रमाणों की बारीकी से जांच कर रहे हैं।—मूल उद्देश्य–जांच का मुख्य उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि यह मामला आत्महत्या है या हत्या। साथ ही घटना के पीछे छिपे कारणों का पता लगाना और दोषियों की पहचान कर उन पर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करना है।—-न्याय की दिशा में संकल्पबद्ध प्रयास–पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह मामला केवल एक जांच नहीं बल्कि एक परिवार की पीड़ा और समाज के विश्वास से जुड़ा है। इसलिए इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही या पक्षपात की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। पुलिस अधीक्षक का स्पष्ट निर्देश है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।—-निष्कर्ष—–आस्था अहिरवार की असामयिक मौत ने सभी को विचलित किया है। इस प्रकरण की गुत्थी सुलझाने के लिए गठित एसआईटी और पुलिस प्रशासन पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहे हैं। जांच पूरी तरह वैज्ञानिक, पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से आगे बढ़ रही है ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों को कठोरतम सज़ा मिल सके। प्रेस को यह तमाम जानकारी पुलिस प्रशासन द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी गई है।

