

इटारसी / शहर की जीवनरेखा कहे जाने वाले सोनसांवरी रेल फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य लंबे समय से अधर में लटका हुआ है। इस ब्रिज का निर्माण टी (T) आकार में होना था, जिसमें एक भुजा सीधे न्यास कॉलोनी की ओर उतरती। लेकिन अधिकारियों ने ड्रॉइंग बदलकर तीसरी भुजा का प्रावधान ही हटा दिया और केवल राष्ट्रीय राजमार्ग से सांवलखेड़ा की ओर उतारने का निर्णय ले लिया। इस बदलाव से न सिर्फ न्यास कॉलोनी बल्कि उससे जुड़े दर्जनों गाँव विकास से वंचित हो जाएंगे।
*विधायक और पार्षद मैदान में*
विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने इस विषय को कई बार विधानसभा में उठाया है। वे लगातार मूल डिजाइन पर ही पुल का निर्माण कराने की मांग कर रहे हैं। तीन माह पहले उन्होंने नागरिकों के साथ स्थल निरीक्षण कर विभागीय अधिकारियों से भी चर्चा की थी। उस समय तकनीकी विशेषज्ञों ने भी नई डिजाइन को खारिज कर पुरानी डिजाइन को ही सही ठहराया था।
अब इस मामले में पार्षद एवं राजस्व सभापति अमृता मनीष ठाकुर भी आंदोलन की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि ओवरब्रिज का अधूरा रहना केवल आवागमन की असुविधा नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास और भविष्य पर आघात है। तीसरी भुजा बनने पर न्यास कॉलोनी सीधे हाइवे से जुड़ेगी, जिससे व्यापार, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
*ज्ञापन सौंपेंगी, आंदोलन की चेतावनी*
अमृता ठाकुर ने जानकारी दी कि सोमवार को वे अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) इटारसी के माध्यम से कलेक्टर और मध्यप्रदेश शासन के लोक निर्माण मंत्री को ज्ञापन सौंपेंगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र और सार्थक निर्णय नहीं लिया गया तो इटारसी वासी सड़क पर उतरकर धरना देंगे और आंदोलन को तेज किया जाएगा।
*नागरिकों की राय*
स्थानीय नागरिकों ने भी तीसरी भुजा को आवश्यक बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि ब्रिज को थोड़ा लंबा कर नाले के ऊपर से जगदंवा मैरिज गार्डन तक बनाया जाए तो न केवल कॉलोनी सीधे जुड़ जाएगी, बल्कि हर साल नाले में आने वाली बाढ़ की समस्या से भी निजात मिल जाएगी।
*तकनीकी पहलू*
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया था कि उनके पास फिलहाल केवल सीधा ब्रिज बनाने की अनुमति है। लेकिन मैनिट (राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान) ने नई डिजाइन को तकनीकी रूप से गलत बताया और उसे खारिज कर दिया। इस कारण नागरिकों की मांग है कि सरकार तुरंत पुरानी डिजाइन को लागू कर तीसरी भुजा का निर्माण कराए।
*विकास का सवाल*
ओवरब्रिज का पूरा होना केवल यातायात व्यवस्था को आसान बनाने भर की बात नहीं है। यह न्यास क्षेत्र के आर्थिक विकास, रोजगार के अवसर, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक सहज पहुँच का माध्यम बनेगा। यदि तीसरी भुजा नहीं बनाई गई तो न्यास कॉलोनी और ग्रामीण अंचल विकास की मुख्यधारा से कटे रह जाएंगे।
पार्षद अमृता ठाकुर ने अंत में अपील की –
“यह केवल एक पुल नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की तरक्की और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य है। शासन-प्रशासन को चाहिए कि अधूरे ओवरब्रिज को प्राथमिकता से पूरा कराए और जनता की वर्षों पुरानी मांग पर शीघ्र अमल करे।”

