
सिवनी मालवा / खेती को लेकर आज किसानों की सबसे बड़ी चुनौती है, अधिक उत्पादन और कीटों पर नियंत्रण। इस लक्ष्य को पाने के लिए बड़ी मात्रा में रासायनिक खाद और दवाओं का उपयोग किया जा रहा है। शुरुआत में फसलें हरी-भरी दिखाई देती हैं, लेकिन धीरे-धीरे यही रसायन जमीन की उपजाऊ शक्ति को कम कर रहे हैं और स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डाल रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो भविष्य में कृषि भूमि बंजर हो सकती है और आम लोगों में कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा। किसानों को इस खतरे से सतर्क करने और उन्हें सुरक्षित विकल्प अपनाने के लिए शिवशक्ति एग्रीटेक लगातार गाँवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसी क्रम में हाल ही में ग्राम धामनिया में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि अधिकारी अभिषेक शर्मा ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि रासायनिक खेती अल्पकालिक लाभ देती है, लेकिन लंबे समय में मिट्टी की जीवनदायिनी क्षमता को नष्ट कर देती है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे जैविक खेती को अपनाएं, क्योंकि इससे न केवल भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है बल्कि उत्पादित फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।

