
नर्मदापुरम / शासकीय विधि महाविद्यालय में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ और राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. कल्पना भारद्वाज ने की तथा मुख्य वक्ता के रूप में डा. अभिषेक सिंह ने उपस्थित विद्यार्थियों और प्राध्यापकों को संबोधित किया। डा. अभिषेक सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत जैसे विकासशील देश में पोषण का प्रश्न केवल स्वास्थ्य का ही नहीं, बल्कि मानवाधिकार और संवैधानिक अधिकार से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में जीवन के अधिकार में पोषण युक्त भोजन का अधिकार भी निहित है। साथ ही अनुच्छेद 47 राज्य के नीति निर्देशक तत्वों में स्पष्ट करता है कि राज्य का कर्तव्य है कि पोषण स्तर और जनस्वास्थ्य में सुधार करे, तथा अनुच्छेद 39(ख) भी राज्य पर बाध्यता अधिरोपित करता है कि संसाधनों का स्वामित्व और नियंत्रण का समान बंटवारा हो, उच्चतम न्यायालय के पी.यू.सी.एल. बनाम भारत संघ (2001) मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि मिड डे मील योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली केवल सरकारी नीतियाँ नहीं बल्कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी हैं। आपने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि ग्लोबल हंगर इंडेक्स (Global Hunger Index) 2024 में भारत की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यदि आज की पीढ़ी पोषणहीन रहेगी, तो आने वाली पीढ़ियाँ न केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से कमजोर होंगी तो राष्ट्र निर्माण में पिछड़ जाएंगी, पोषण आहार स्वस्थ नागरिक,विकसित भारत 2047 की संकल्पना को साकार करने में आधारशिला है। विधि तृतीय वर्ष की छात्रा सुमित्रा ने पोषण युक्त संतुलित आहार में अनाज, दाल, हरी सब्जियाँ, दूध, फल और प्रोटीन का उचित अनुपात होना चाहिए। विधि द्वितीय वर्ष के छात्र अर्जुन दायमा साथ ही बॉडी मास इंडेक्स (BMI) का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल मोटापे या दुबलापन मापने का साधन नहीं, बल्कि व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति का आईना है। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष शिवाकांत मौर्य सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डा. महेंद्र कुमार पटेल ने किया तथा स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के संयोजक राजदीप भदोरिया ने आभार व्यक्त किया।

