
नर्मदापुरम / एनी बेसेंट संचालिका श्रीमती आरती दत्त ने बताया कि विश्व फिजियो थेरेपी दिवस पर एक जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सीआरसी भोपाल दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कार्यरत संस्थान एवं डॉ. एनी बेसेंट के तत्वावधान में 8 सितम्बर को विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के रूप में मनाया गया । बौद्धिक दिव्यांगजनों के पुनर्वास में फिजियोथेरेपिस्ट की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण होती है। सी.आर. सी भोपाल के विशेषज्ञ ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए बताया कि व्यायाम के जरिए मांसपेशियों को सक्रिय बनाकर किए जाने वाले चिकित्सा की विद्या शारीरिक चिकित्सा या फिजियोथेरेपी कहलाती है, वास्तव में यह शारीरिक क्रिया चिकित्सा है, चूंकि इसमें दवाइयों नहीं लेना पड़तीं। इसलिए इनके दुष्प्रभावों का प्रश्न ही नहीं उठता, लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि फिजियोथेरेपी तब ही अपना असर दिखाती है, जब इसे समस्या दूर होने तक नियमित किया जाए। यह शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक क्षेत्र में अच्छी तरह से काम करने में मदद देता है। फिजियो थेरेपी में डॉक्टर, शारीरिक चिकित्सक, मरीज, पारिवारिक लोग और दूसरे चिकित्सकों का बहुत योगदान होता हैं। खेह में फिजियोथेरेपी के द्वारा सेकड़ो बच्चों व सामान्य मरीज को उपचारित कर समाज की मुख्य धारा में शामिल किया जा चुका है। इस कार्यक्रम में सी. आर. सी भोपाल के फिजियो थेरेपी विभाग में सेवाएं प्रदान कर रहे हैँ । इस अवसर पर संस्था का स्टाफ एवं बच्चे उपस्थित थे।

