
नर्मदापुरम / जिले का नाम आये दिन समाचार पत्रों ओर चेनल में लगातार देखने को मिलता रहता है, जिले में कई प्रतिभाएं हैं जो नर्मदापुरम का नाम सुमार कर रहे हैं, ऐसे ही एक नाम उमा चौरसिया का जिनका जन्म जिला भिण्ड के छोटे गांव बनीपुरा तहसील गोहद में हुआ, जो की चंबल के जाने माने बीहडों में बसा हुआ है। इनके पिता ने काफी संघर्ष के साथ पढाई कृषि विभाग में SADO के पद पर म.प्र. में नर्मदापुरम, डबरा, खरगोन, रतलाम में कार्य किया। उन्हीं के साथ उमा का अध्ययन कार्य अलग-अलग स्थान पर हुआ। उमा ने BSc. Biology की शिक्षा महेश्वर जिला खरगोन से देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय से की। MSc. chemistry जिला रतलाम विक्रम विश्वविद्यालय से पूर्ण की इसके उपरोत Bed. M.Ed. एवं PHD की शिक्षा बरकत उल्ला विश्वविद्यालय से पूर्ण की। अभी वर्तमान में अतिरिक्त कार्यकम अधिकारी के पद पर जिला पंचायत नर्मदापुरम में सेवायें प्रदान कर रही हैं । उन्हें महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा मानद की उपाधि दी गई। शिक्षा के कारण ही एक छोटे से गांव की बालिका इतना आगे बड़ पाई। उमा ने बताया कि उनके लिए आज का दिन गौरव का दिन है। हमारे गांव में बालिकायों की शिक्षा अधूरी ही छूट जाती थी। क्योकि गांव से स्कूल बहुत दूर होते थे। इसलिये मैने अपने PHD का अध्यन कार्य उच्चर माध्यमिक स्तर पर बालिकाओं की शिक्षा को प्रभावित करने वाले सामाजिक एवं आर्थिक का अध्ययन” चयन किया। उस पर रिसर्च वर्क पूर्ण कर आज दिनांक 8/9/2025 को दीक्षांत समारोह के दौरान मानद उपाधी गृहण की। इसके लिये अपने गुरु अपने माता-पिता परिवार एवं कर्तव्य स्थल के सभी साथीगणों का भरपूर सहयोग मिला। उनका मैं तहे दिल से धन्यवाद करती हूँ। वहीं जिला पंचायत कर्मचारी अधिकारियों ने डॉ. उमा चौरसिया को बधाई और शुभकामनाएं दी।

