

नर्मदापुरम / श्रीरामलीला के संयोजक प्रशांत मुन्नू दुबे ने जानकारी में बताया कि महोत्सव का यह 145 वां वर्ष है जिसमें श्रीराम, जानकी , लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के पात्रों द्वारा दोपहर में बड़े श्रीराम मंदिर में मुकुट पूजन और अनुष्ठान से श्रीरामलीला महोत्सव की शुरुआत होगी। पश्चात रात्रि ठीक 8 बजे से सेठानीघाट पर बनाये गए भब्य मंचों से श्रीरामलीला के मंचन होंगे प्रारम्भ । प्रथम दिवस 17 सितंबर को श्रीशंकर विवाह और नारद मोह की लीला का आकर्षक मंचन होगा , दिं. 18 सितंबर को मनुचरित श्रीराम जन्म, दिं. 19 सितम्बर को ताड़का वध, दिं 20 सितंबर को नगर दर्शन पुष्पवाटिका, दि 21 सितंबर को धनुषयज्ञ लक्ष्मण-परशुराम संवाद और 22 सितम्बर अश्विन शुक्ल प्रतिपदा को भगवान श्रीराम की बारात सेठानीघाट से सायंकाल ठीक 5 बजे प्रमुख मार्गों से निकाली जावेगी। दिं 23 सितंबर को श्रीरामवनवास, दिं. 24 सितंबर को दशरथ मरण केवट प्रसंग , दिं. 25 सितम्बर को भरत-मिलाप , दिं. 26 सितंबर को सीताहरण, दिं. 27 सितंबर को श्रीराम-सुग्रीव मैत्री, दिं. 28 सितंबर को लंका दहन की लीलाओं का मंचन सेठानी घाट पर होगा । श्रीराम-रावण के युद्ध की लीलाएं 29 सितम्बर से दशहरा मैदान में अपरान्ह 4:30 से विजया दशमी तक प्रतिदिन होगी। जिसमें दिं 29 सितंबर को लक्ष्मण शक्ति, दिं. 30 सितंबर को कुम्भकरण वध, दिं. 1 अक्टूबर को मेघनाद वध और 2 अक्टूबर को रावण वध की लीलाओं का मैदानी मंचन होगा । पश्चात पुनः सेठानीघाट पर दिं. 3 अक्टूबर को उत्तरभरत मिलाप, दिं. 4 अक्टूबर को श्रीरामराज्याभिषेक की लीलाओं का मंचन होगा । दिं. 5 अक्टूबर को बड़े श्रीरामन्दिर में हवन शांति के साथ श्रीरामलीला महोत्सव का समापन होगा ।
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