टीकमगढ़ । नवीन आपराधिक कानूनों के पहले प्रकरण में न्यायालय ने सुनाई सजा
, पुलिस की सुनियोजित कार्रवाई का परिणाम
पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाह के मार्गदर्शन में पुलिस टीम द्वारा योजनाबद्ध रणनीति के तहत समयबद्ध विवेचना, साक्ष्य संकलन, गवाहों की पेशी तथा न्यायालयीन कार्यवाही में तत्परता से भाग लेने के परिणामस्वरूप हत्या के मामले में दोष सिद्ध कर आरोपियों को सज़ा सुनाई गई।
थाना दिगोड़ा में नवीन आपराधिक कानूनों में दर्ज हत्या के प्रकरण का बड़ा मामला : हत्या के तीन आरोपियों को आजीवन कारावास
घटना – मृतक की पत्नी, बेटी एवं प्रेमी द्वारा हत्या
धारा – 103(1), 238.3(5) BNS
आरोपी –
1. कोमल (पत्नी)
2. रश्मि यादव (बेटी)
3. बैजनाथ उर्फ कल्लू रजक (प्रेमी)
न्यायालय – चतुर्थ अपर सत्र न्यायालय टीकमगढ़
निर्णय दिनांक – 08.09.2025
दंड –
धारा 103(1)(5) BNS : आजीवन कारावास व ₹1500-1500 जुर्माना
धारा 238 BNS : 3-3 वर्ष का कारावास व ₹1000-1000 जुर्माना
इस अपराध की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी दिगोड़ा निरीक्षक एम.पी. गौंड द्वारा की गई। पैरवी कर्ता-जटाशंकर श्रोतीय
पुलिस मुख्यालय की नीति का परिणाम
यह सफलता अपराध नियंत्रण एवं न्याय सुनिश्चित करने हेतु पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी नीति का सशक्त उदाहरण है।
पुलिस अधीक्षक मंडलोई ने न्यायालय में समय पर विवेचना एवं साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए विवेचक निरीक्षक एमपी गौंड की सराहना की।
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