



सिवनी मालवा / राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय, बानापुरा में विद्यार्थियों के लिए विशेष सत्र का आयोजन किया गया। सत्र में उमंग स्वास्थ्य केंद्र के परामर्शदाता ईश्वर विश्नोई ने किशोर बालक बालिकाओं से चर्चा की। आपने किशोर अवस्था के दौरान व्यक्ति में होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक व भावनात्मक परिवर्तनों को समझाया। आरकेएसके की प्राथमिकताएं, उमंग स्वास्थ्य केंद्र में दी जाने वाली सेवाओं के बारे में विस्तार से बताकर पोषण संबंधी जानकारी दी। मनहित एप तथा टेली मानस हेल्पलाइन के बारे में बताया। इसके साथ ही 10 सितंबर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर परामर्शदाता ने बताया कि आत्महत्या कोई कायरता या कमजोरी ना होकर यह एक मानसिक बीमारी है, जिसका इलाज संभव है। हमारे समाज या आसपास में हमें ऐसे व्यक्ति की पहचान करना है जिनका मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता या जो अपने जीवन में आने वाली समस्याओं से नियमित परेशान रहते हैं और अपनी दिनचर्या को प्रभावित करते हैं। निराशा में ऐसे व्यक्तियों द्वारा कहे जाने वाले गंभीर वाक्यों पर गौर करते हुए उनके मन की बात सुने और उन्हें सही परामर्श दिलवाने के लिए कार्य करें। किसी तरह के पारिवारिक झगड़े, पढ़ाई का दबाव, असफलता, अकेलापन, उदासी, नशे की लत, भविष्य की चिंता या अन्य कईं कारणों से व्यक्ति गलत कदम उठाने के बारे में सोचता है। ऐसे में हमें गेटकीपर की भूमिका निभाकर इन व्यक्तियों को सकारात्मक सोचने के लिए प्रेरित करना है। इस दौरान विद्यालय के प्राचार्य मोहनलाल राठौर के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को हेल्थ एंड वैलनेस मैसेंजर बनाया गया।

