


नर्मदापुरम / 8 सितंबर से 22 सितंबर तक सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का अभियान आज दूसरे दिन जारी रहा। सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए मप्र पुलिस 8 सितंबर से 22 सितंबर तक पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाने के मुख्यालय के निर्देश पर दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जिले में सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मुख्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार इस 15 दिवसीय अभियान में तेज गति से वाहन चलाना, बिना हेलमेट या सीटबेल्ट वाहन चलाना, नाबालिग द्वारा वाहन चलाना, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग करना, शराब पीकर वाहन चलाना, ओवरलोडिंग व बिना कागजों के जैसे लाइसेंस, फिटनेस और परमिट के वाहन चलाने पर विशेष ध्यान दिया जाना है । पुलिस अधीक्षक साईंकृष्णा एस थोटा के निर्देश पर एवं डीएसपी यातायात और सभी अनुविभाग के एसडीओपी के नेतृत्व में जिले भर में वाहन चेकिंग का विशेष अभियान लगातार चलाया गया।
*आज की कार्यवाही में पुलिस ने*
थाना कोतवाली – 10 चालान
थाना देहात – 03 चालान
थाना माखन नगर – 12 चालान
थाना सोहागपुर- 13 चालान
थाना पिपरिया- 07 चालान
थाना स्टेशन रोड – 16 चालान
थाना बनखेड़ी- 07 चालान
थाना पचमढ़ी- 06 चालान
थाना इटारसी- 18 चालान
थाना पथरौटा- 18 चालान
थाना केसला- 10 चालान
थाना तवानगर 02 चालान
थाना रामपुर- 10 चालान
थाना डोलरिया- 05 चालान
थाना सिवनी मालवा -00 चालान
थाना शिवपुर- 14 चालान
यातायात नर्मदापुरम- 35 चालान
यातायात इटारसी- 00 चालान
यातायात पिपरिया- 08 चालान
यातायात सिवनी मालवा -42 चालान। इस प्रकार पूरे जिले भर में कुल 236 चालान कर 84,100/-रुपए जुर्माना वसूल किया गया है।
उल्लंघन के अनुसार प्रकरण निम्न है
तेज गति से वाहन चलाने पर 01 प्रकरण,
रांग साइड में वाहन चलाने पर 03,
नाबालिग द्वारा वाहन चलाने के 01,
बिना हेलमेट के 177,
बिना सीट बेल्ट के 27,
बिना लाइसेंस का 01
एवं अन्य धाराओं के 26 प्रकरणों में कार्यवाही की गई है।
इस अभियान के अंतर्गत पुलिस द्वारा स्कूल कॉलेज पर भी कार्यवाही की जाएगी और वाहन चलाते हुए नाबालिगों के विरुद्ध चालानी कार्यवाही की जाएगी। साथ ही वाहन स्वामी पर कार्यवाही के साथ ही ऐसे वाहन का रजिस्ट्रेशन निरस्त कराने की कार्यवाही भी की जाएगी।
मोटर व्हीकल एक्ट संशोधन नियम 2019 नियम 199 के अंतर्गत बिना लाइसेंस के नाबालिग के वाहन चलाने पर वाहन स्वामी को तीन साल तक की सजा एवं 25,000 तक का जुर्माना एवं एक साल तक वाहन का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने का प्रावधान है। नाबालिग वाहन चलाते हुए पाया जाने पर उसका 25 वर्ष की उम्र तक लाइसेंस बनने से बाल संरक्षण न्यायालय द्वारा रोका जा सकेगा।
यातायात पुलिस की अपील है कि असुविधा से बचने के लिए वाहन के कागजात पूर्ण रखें और जीवन की सुरक्षा के लिए वाहन के अनुसार सीट बेल्ट अथवा हेलमेट का उपयोग अवश्य करें और नाबालिग को वाहन न चलाने दें।

