
नर्मदापुरम / आज दिनांक 13 सितंबर 2025 को जनशिक्षा केंद्र स्तरीय शैक्षिक संवाद पूरे मध्यप्रदेश में होना था उसके अंतर्गत जनशिक्षा मिसरोद का शैक्षिक संवाद शासकीय माध्यमिक शाला बैहराखेड़ी में किया गया। जिसमें जनशिक्षा केंद्र मिसरोद के कक्षा पहली एवं दूसरी कक्षा को पढ़ाने वाले शिक्षक उपस्थित हुए। शैक्षिक संवाद के नोडल श्री के एस वाडिवा जनशिक्षक थे सहसहजकर्ता अफरोज अली थे। शैक्षिक संवाद में सम्मिलित होने आए सभी शिक्षकों का वेलकम किया गया। इस उपरांत सभी का परिचय की गतिविधि की गई। जन शिक्षक के एस वाडिवा ने कक्षा 1 से 5 शैक्षिक संवाद आयोजित करने के डिजाइन सिद्धांत बताएं । राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा सुझावित अकादमिक विषय पर चर्चा की गई, विद्यालय और कक्षा परिपेक्ष से जुड़े अनुभवों पर चर्चा की गई। चर्चा के दौरान पूर्व निर्धारित समय का पालन किया गया सभी प्रतिभागियों के बातचीत के समान अवसर प्रदान किए गए। सहजकर्ता एवं प्रतिभागियों के बीच बातचीत के लिए 30:70 का अनुपात रखा गया। संवाद के अंत में चर्चा की गुणवत्ता पर फीड वेक देने को सभी प्रतिभागियों से कहा सत्र की सीख को कक्षा में लागू करने हेतु पोस्ट वर्क कराया गया। सहजकर्ता द्वारा इन सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए संवाद का आयोजन कराया। संवाद में उपस्थित प्रत्येक शिक्षक इस प्रक्रिया से लाभान्वित हो सके और अंततः छात्रों के लिए प्रत्येक कक्षा में सीखने के लिए एक रोचक और सक्रिय और आनंदमई वातावरण का निर्माण किया जा सके इस हेतु चर्चा की गई शैक्षिक संवाद के सहज करता अफरोज अली ने शैक्षिक संवाद के मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डाला शिक्षक व्यावसायिक उन्नयन के लिए अकादमी चर्चा हेतु एक पीयर लर्निंग समुदाय का निर्माण करना है शिक्षकों के लिए कक्षा आधारित अनुभवों और व्यक्त बेस्ट प्रैक्टिसेज साझा करने के अवसर प्रदान करना इस शैक्षिक संवाद का उद्देश्य शिक्षक व्यावसायिक उन्नयन क्रिया का विकेंद्री करण करना है। शिक्षकों को स्वयं के सतत व्यावसायिक उन्नयन हेतु प्रेरित करना जन शिक्षा केंद्र स्तर पर फेस टू फेस प्रशिक्षण की पुनरावृत्ति पुनर्बलन तथा कुछ नवीन और महत्वपूर्ण शैक्षिक पद्धतियों और सामग्री के उपयोग पर ध्यान केंद्रित करवाने हेतु एक मंच प्रदान करना है। जिससे अवधारणाओं में स्थित दक्षता सुनिश्चित की जा सके आज सभी को समान अवसर प्रदान किए गए कोई भी शिक्षक शेष नहीं रहा जिसे अपना विचार व्यक्त न किया हो एवं अफरोज अली ने कहा कि शिक्षक संदर्शिक के आधार पर गतिविधि आधारित शिक्षण अवश्य कराएं। शिक्षक संदर्शिका अंग्रेजी की भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डाला गया । अंत में सभी ने फीड बैक फॉर्म फीड करने उपरांत सायं 5 बजे शैक्षिक संवाद का समापन किया गया।

