

सिवनी मालवा / पंच दिवसीय राम कथा के चतुर्थ दिवस पर गीता चित्र मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए। दादाजी धूनी वाले तथा बम बम बाबा के शिष्य पंडित विद्याधर शर्मा जी ने कार्तिकेय जन्म की कथा सुनाई। शिव-पार्वती की तपस्या से जन्मे बाल वीर कार्तिकेय ने अल्पायु में ही दुष्ट तारकासुर का वध कर धर्म की रक्षा की। इस प्रसंग ने उपस्थित भक्तों को साहस, संयम और धर्म पालन की प्रेरणा दी। इसके बाद गौ सेवा का महात्म्य बताया गया। पंडित जी ने कहा कि गौ माता की सेवा से जीवन शुद्ध होता है, करुणा और धर्म का विस्तार होता है और समाज में प्रेम व शांति का संचार होता है। समाजसेवी दीपक पालीवाल भी गौ सेवा में विगत कई वर्षों से अपना योगदान दे रहे हैँ। अंत में नारद मोह की कथा सुनाई गई। इसमें बताया गया कि अहंकार त्याग कर सेवा और समर्पण से ही भगवान की कृपा प्राप्त होती है। नारद का मोह दूर होकर भक्ति में लीन होना भक्तों के लिए आत्मचिंतन का संदेश बना। कार्यक्रम में विशेष रूप से सोनालिका तथा हौंडा शोरूम के संचालक दीपक पालीवाल भी सम्मिलित हुए और उन्होंने सेवा, भक्ति और धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। श्रद्धालु भाव- विभोर होकर कथा का श्रवण कर भगवान के चरणों में समर्पित हुए तथा राम नाम का संकीर्तन किया।

