


सिवनी मालवा / अपर सत्र न्यायाधीश सिवनी मालवा श्रीमति तबस्सुम खान के न्यायालय द्वारा आरोपी अजय उर्फ टारजन को धारा 302 भादवि के तहत आजीवन कारावास एवं 2000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया एवं व्यतिक्रम की दशा में 6माह का सश्रम कारावास । मामले मे शासन की ओर से पैरवी अति. शासकीय अधिवक्ता राकेश यादव अपर लोक अभियोजक, सिवनी मालवा द्वारा की गयी। अपर लोक अभियोजक राकेश यादव ने बताया कि मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 20.03.2024 को मृतक शिवम बनापुरा में अपने काका सुनील विश्वकर्मा के घर आया और शाम को काका सुनील के साथ बनापुरा बस स्टेण्ड सब्जी बाजार गया था। जहां काका सुनील सब्जी खरीद रहे थे वहां पर आरोपी अजय उर्फ टारजन पिता लक्ष्मीनारायण केवट हाथ में चाकू लेकर खड़ा था। पहले उसने एक कुतिया को छुरी मारी उसके बाद वह सामने खड़ा मृतक शिवम को मां बहन की गंदी गंदी गालियां देने लगा तब मृतक शिवम ने उसे गाली देने से मना किया। तब उसने कहा कि मैं फाईल मोहल्ला बनापुरा का टारजन हूँ क्या तू मुझे जानता नहीं और यह कहते हुये उसने मृतक शिवम विश्वकर्मा को हाथ में रखी हुई छुरी से बार कर दिया। जिससे उसे बायी तरफ पसली में लगी और खून निकलने लगा फिर वह जमीन पर गिर पड़ा। उसकी आवाज सुनकर उसके चाचा सुनील दोड़कर आये तो अभियुक्त उसे धमकी दे रहा था कि भाग जाओं नहीं तो जान से मार दूंगा। झगड़ा व मारपीट करते हुए सब्जी बेचने वालों ने देखी है फिर उसे सिवनी मालवा अस्पताल ईलाज के लिये ले गये थे। उक्त फरियादी के कथनो के आधार पर आरोपी के विरुद्ध धारा 294, 324,506 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आहत की ईलाज के दौरान भोपाल में मृत्यु हो गई। संपूर्ण कार्यवाही उपरांत अभियुक्त के विरूद्ध अंतर्गत धारा 294,324,506,302 भादवि का अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। अभियोजन ने कुल 22 साक्षी, 34 प्रदर्श एवं कुल 04 आर्टिकल अंकित कराये। अभियोजन द्वारा न्यायालय में कराये गये साक्षियों के कथनों एवं अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर मामले को प्रमाणित मानते हुए अभियुक्त अजय उर्फ टारजन को दोषसिद्ध घोषित किया गया एवं मृतक के परिजन 58-60 वर्षीय वृद्ध माता-पिता को प्रतिकर राशि के भुगतान हेतु अनुशंसा की गई और आरोपी अजय उर्फ टारजन को आजीवन कारावास एवं 2000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

