टीकमगढ़। कवयित्री सुधा खरे ‘सत्य सुधा’ की चतुर्थ पुणतिथि पर कवि गोष्ठी का आयोजन मीरा सूर साहित्य सृजन समिति टीकमगढ़ इकाई द्वारा होप रेजीडेंसी में डाॅ. एन एम अवस्थी के निवास पर किया गया। कवि गोष्ठी की अध्यक्षता साहित्य अकादमी द्वारा ‘छत्रसाल सम्मान प्राप्त’ ख्यातिप्राप्त साहित्यकार राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने की एवं मुख्य अतिथि के रूप में कवि पूरनचन्द्र गुप्ता एवं विषिष्ट अतिथि बालकिशल जोशी (राठ),प्रभुदयाल श्रीवास्तव व हरेन्द्र पाल सिंह रहे। कवि सम्मेलन का संचालन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यप्रकाश खरे ‘सत्यसुधा’ ने किया।
कवि सम्मेलन की शुरूआत दीपप्रज्जवल पश्चात् श्रीमती सुधा खरे की सरस्वती बंदना के साथ की गयी।
इस अवसर पर मीनू गुप्ता राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’,बालकिशन जोशी, रविन्द्र यादव,राजेश अहिरवार ‘सुमन’, का शाल श्रीफल एव सम्मान पत्र भैंटकर सम्मान किया गया।
सत्यप्रकाश खरे ‘सत्यसुधा’ ने गीत पढ़ा- जल सा जीवन जलज खिला दे, रत्नाकर में सुधा मिला दें।
अध्यक्षता कर रहे राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने गणेश जी पर दोहे सुनाए-
सुधा रहे श्री धाम में माँ याारद की खास।
अपने सूक्ष्म शरीर में, यहीं रहे वे पास।।
बुन्देली की शान थीं,चली गईं वे धाम।
‘राना हम करते सभी, सादर उन्हें प्रणाम।।
प्रभुदयाल श्रीवास्तव ने चैकड़ियाँ पढ़ीं-जा पौंची जो मंच पै,बढ़ गई उकी शान।
प्रमोद गुप्ता ने सुनाया- सुधा जी ई घर की थीं शान।
सत्यनारायण तिवारी, ने व्यंग्य सुनाया- दौंदा बड़ों के लबरा,शेर बड़ौ कै बदरा।
ने सुनाया- आसों पानी ने हदई कर दई,ताल तलैयाभर दई।
इस अवसर पर बालकिशल जोशी (राठ),डाॅ. एन.एम. अवस्थी,ओम प्रकाश तिवारी ‘कक्का’(ज्यौरा), प्रभुदयाल श्रीवास्तव,मीनू गुप्ता,रश्मि गोइल,रश्मिी शुक्ला, मीरा खरे, रविन्द्र यादव,विनोद कुमार वर्मा, डाॅ. एम.एस. श्रीवास्तव (पृथ्वीपुर), राजेश अहिरवार ‘सुमन’(पृथ्वीपुर),दयाली विश्वकर्मा,अजीसत श्रीवास्तव,किशोल किशोर भट्ट,सनत कुमार जैन, एन.के पचैरी,गुलाब सिंह यादव भाऊ (लखौरा),ब्रिजेन्द्र कुमार गुप्ता आदि ने रचनाएँ सुनायी।
,कवि सम्मेलन का संचालन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यप्रकाश खरे ‘सत्यसुधा’ ने किया तथा सभी का आभार डाॅ. एन.एम. अवस्थी ने व्यक्त किया।
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