

नर्मदापुरम / पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में जिक्र किया कि नर्मदापुरम जिले के शिवपुर थाने के ग्राम बावरी घाट के हम निवासी हैं और खेती बाड़ी करते है। हमारे गांव में 15 और 16 सितंबर 2025 की रात करीब 11ः00 बजे शिवपुर थाने के ए.एस.आई. प्रहलाद ठाकुर एवं हवलदार कृपाराम दायमा तथा सिविल ड्रेस में एक सिपाही आये थे। ये लोग शिवपुर थाने के पुलिस वाहन में थे उन्होंने मेरे व मेरे साथी लालू यदुवंशी, आशीष यदुवंशी, राज यदुवंशी के साथ रास्ते में रोक कर डण्डे से मारपीट की। इसके बाद वे जबरिया अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गये। वे हमें पहले शिवपुर थाने ले गये लेकिन हमें थाने से बाहर ही रखा और चन्द मिनिट में ही हमें सिवनी मालवा ले जाने लगे। उनका कहना था कि, हमने दारू पी है, इसलिए पकड़कर लाये हैं। उन्होंने हमें सिवनी मालवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के एक चिकित्सक के सामने बैठा दिया और कहा कि, इनका मेडिकल करो। हम डरे हुए थे हमारी हालत देखकर डाॅक्टर ने हमसे पूछा कि, क्या हो गया है? हमने सारा वाक्या उन्हें बताया कि, सिविल ड्रेस में आये पुलिसकर्मी ने हमारे पास रखे दो लाख पैसठ हजार रूपये एवं एक सोने की चेन छीन ली है। ये रकम मूंग बेचकर आये थे उसकी है। डाॅक्टर के सामने हुई यह बात सुनकर पुलिस वाले कहने लगे कि, हमने कहा पैसे लिये और बाहर निकलकर सिविल वर्दी में जो खुद को सिपाही बोल रहा था उसने हमें दो लाख साठ हजार रूपये व चेन वापस कर दी और पांच हजार रूपये अपने पास रख लिये। सिविल ड्रेस में आये सिपाही ने अस्पताल में ही कपडे बदलकर अपनी वर्दी पहनी थी, लेकिन उसकी वर्दी पर नेम प्लेट नहीं थी, इस कारण हम उसका नाम नहीं जानते। किन्तु ए.एस.आई. प्रहलाद ठाकुर व हवलदार कृपाराम दायमा मुझे भली भांति जानते हैं। यह लोग हमें पुलिस वाहन से ही रात्रि करीब 3ः30 बजे पगढाल के रास्ते शिवपुर लेकर पहुंचे, जब तक देर रात हो चुकी थी। शिवपुर जाकर उन्होंने हमें थाने से दूर ही छोड दिया। जहां से हम रात्रि के दौरान् जैसे-तैसे अपनी जान जोखिम में डालकर सुबह अपने गांव पहुंचे। अगले दिन 16 सितंबर को ए.एस.आई. प्रहलाद ठाकुर व हवलदार कृपाराम दायमा दोबारा हमारे गांव आ गये। इस दौरान् ए.एस.आई. प्रहलाद ठाकुर ने अपने मोबाइल नंबर 88462818234 से मेरे मोबाइल नंबर 9826880704 पर दिन में 3ः55 मिनिट पर काॅल किया। लेकिन मोबाइल चार्जिंग में लगा होने के कारण मैं उठाने गया इसके पहले ही कट गया। मैंने इस नंबर पर काॅल किया तो ए.एस.आई. प्रहलाद ठाकुर ने धमकी देना शुरू कर दिया कि, तुम्हारा रात में मेडिकल हो गया हैं और अब केस दर्ज करने जा रहा हूं अगर बचना है तो तीनों लोग गांव के बस स्टेण्ड पर चालीस हजार रूपये लेकर आ जाओ। अगर नहीं आये तो जेल जाने के लिए तैयार रहो। उनकी इस धमकी से मैं बहुत डर गया और ये बात मैंने मोबाइल फोन पर थाना प्रभारी शिवपुर को बताई। उन्होंने आश्वस्त किया कि, तुम्हें डरने की जरूरत नहीं तुम्हारे खिलाफ कोई गलत कार्यवाही नहीं होगी। कुछ देर बाद ए.एस.आई. प्रहलाद ठाकुर एवं हवलदार कृपाराम दायमा गांव से चले गये। किन्तु करीब 2 घण्टे बाद फिर उनका फोन आया और उन्होंने फिर से चालीस हजार रूपये मांग की और नहीं देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दोहरा दी। श्रीमान् जी मैं गांव का एक प्रतिष्ठित नागरिक हूं और अपने गांव में सरपंच का चुनाव लड़ चुका हूं इस कारण कई लोग मेरे राजनैतिक दुश्मन हैं, शायद ये भी एक कारण हो सकता है कि, ए.एस.आई. मेरे गुप्त शत्रुओं से मिलकर मुझे प्रताडित कर रहे हैं। क्योंकि वह रात्रि के दौरान जब हमें सिवनी मालवा ले जा रहे थे तब खुलेआम धमकी दे रहे थे कि, तेरी नेतागिरी को तो अब मैं चौपट करके ही रहूंगा। इन लोगों ने ये हरकत पुरानी रंजिश को लेकर की है। पिछले महीने अगस्त के पहले सप्ताह में ए.एस.आई. प्रहलाद ठाकुर ने हमारे गांव में अवैध रूप से शराब बेचने वालों के खिलाफ कार्यवाही की थी। इस दौरान् मेरा रेस्टोरेंट जिसका नाम राज ढाबा है। ये ढाबा गांव के ही शुभम यदुवंशी को किराये पर दिया हुआ है। उसके खिलाफ भी ए.एस.आई. प्रहलाद ठाकुर ने कार्यवाही की थी, जिसका शुभम ने कोर्ट में जुर्माना अदा किया है। इस घटना के दौरान् ए.एस.आई. प्रहलाद ठाकुर ने शुभम पर जोर दिया कि, ढाबा मालिक को बुलाओ उसके खिलाफ भी कार्यवाही करूंगा। किन्तु उस समय मैं भोपाल में अपना इलाज कराने गया था, इस कारण तत्काल थाने में नहीं पहुंच पाया। यह बात मैंने भोपाल में रहने वाले अपने बड़े पापा सुमेर सिंह यदुवंशी जो कि, राजधानी के वरिष्ठ पत्रकार है उन्हें बताई तो उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की। घटना वाली रात भी सिवनी मालवा जाते समय वह गाडी में यही हवाला दे रहे थे कि तू मुझे अधिकारियों से डांट खिलवाता है। मैं न एस.पी. से डरता और न किसी अधिकारी से डरता हूं। इसी तरह हवलदार कृपाराम दायमा जब सिवनी मालवा थाने में पदस्थ थे तब ग्राम अमलाडा डोंगर में रहने वाले मेरी बुआ के लडके पर गांव के कुछ लोगों ने प्राण घातक हमला कर दिया था। जिसका काउंटर केस सिवनी मालवा थाने में दर्ज हुआ है। इस मामले की जांच हवलदार कृपाराम दायमा के पास थी उन्होंने हमसे दस हजार रूपये की मांग की थी। जिसमें से पांच हजार रूपये मैंने उन्हें थाने के सामने एक कम्प्युटर की दुकान पर दिये थे। लेकिन पांच हजार रूपये नहीं दे पाया जिसका वो बार-बार तगादा कर रहे थे। यह बात मैंने तब तत्कालीन टी.आई. सिवनी मालवा को बताई थी कि, हम तो फरियादी है और मेरा भाई भोपाल की नर्मदा अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है, हमारा सारा पैसा इलाज में लग रहा है, इस कारण हमारे पास पैसे की तंगी हैं। यह बात सुनकर टी.आई.साहब ने कहा कि, तुम्हें किसी को कोई पैसे देने की कोई जरूरत नहीं। इसके साथ ही टी आई साहब ने हवलदार कृपाराम दायमा को खरी खोटी सुना दी जिससे वह मेरे साथ रंजिश रखने लगे। वह भी कुछ समय पहले सिवनी मालवा से स्थानांतरित होकर शिवपुर थाने आये हैं। इस तरह ये दोनों लोग मेरे खिलाफ झूठे केस में फंसाने का षडयंत्र रच रहे हैं। कृपया उक्त पुलिस वालों की साजिश से बचाने व उनके खिलाफ उचित कार्यवाही करने की कृपा करें। आवेदन लालू यदुवंशी, आशीष यदुवंशी, राज यदुवंशी ने दिया ज़ो कि ग्राम बाबरी घाट के निवासी हैं। उक्त आवेदन की एक एक प्रति आई.जी., एस.डी.ओ.पी. सिवनी मालवा एवं थाना प्रभारी शिवपुर को भी दी हैं ।
इनका कहना —
घटना की जांच के निर्देश सिवनी मालवा एचडीओ पी को दिए गए।
साई कृष्णा थोटा, पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम ।

