टीकमगढ़। पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन में जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जिला स्तरीय अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत समय-समय पर नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से एडवाइजरी जारी की जाती है। इसी क्रम में आज आमजन को शासन की ट्रैफिक सुधार संबंधी योजनाओं की जानकारी देने और उनके लाभ से अवगत कराने हेतु विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई।
इस एडवाइजरी में बताया गया कि मध्यप्रदेश शासन की राहवीर योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को अस्पताल पहुँचाने वाले व्यक्ति को पच्चीस हजार रुपये तक का प्रोत्साहन और प्रशस्ति-पत्र दिया जाएगा। मददगार व्यक्ति को न तो किसी कानूनी कार्यवाही का सामना करना होगा और न ही आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा। इसी तरह भारत सरकार की गुड सेमेरिटन योजना भी मददगारों की पहचान को गोपनीय रखते हुए उन्हें किसी प्रकार की पुलिस या अस्पताल की अनावश्यक पूछताछ से सुरक्षित रखती है।
एडवाइजरी में “गोल्डन ऑवर” यानी दुर्घटना के बाद के पहले एक घंटे के महत्व पर भी जोर दिया गया। इसमें बताया गया कि इस अवधि में घायल को तुरंत प्राथमिक उपचार या अस्पताल पहुँचाने से उसके जीवन बचने की संभावना 70 से 80 प्रतिशत तक बढ़ जाती है।
नियमों का पालन ही असली सुरक्षा, नागरिकों से अपील
सड़क सुरक्षा केवल शासन और पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। एडवाइजरी में कहा गया है कि यदि सभी लोग हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें, गति सीमा का पालन करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएँ, मोबाइल का इस्तेमाल ड्राइविंग के दौरान न करें और यातायात नियमों का सम्मान करें तो दुर्घटनाओं में भारी कमी आ सकती है।
पुलिस अधीक्षक ने जिले वासियों से अपील करते हुए कहा कि सड़क पर चलते समय हर यात्री की सुरक्षा को प्राथमिकता दें, नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। यदि कहीं दुर्घटना होती है तो घायल को तुरंत अस्पताल पहुँचाकर मानवता का धर्म निभाएँ। आपका छोटा सा सहयोग किसी की पूरी ज़िंदगी बचा सकता है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि सड़क सुरक्षा को जन-आंदोलन बनाकर सुरक्षित समाज की दिशा में कदम बढ़ाएँ।
Services And Contact
Contact info : narmadasamay@gmail.com / +917974372722

