ओबीसी महासभा ने एक ज्ञापन जिला कलेक्टर के द्वारा देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी , महामहिम राज्यपाल मध्य प्रदेश शासन, माननीय मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन के नाम भी सौंपा है। जिन मांगों को लेकर ओबीसी ने ज्ञापन सौंपे हैं उन मांगों में- अन्य पिछड़ा वर्ग को सामाजिक सुरक्षा एवं संवैधानिक संरक्षण प्रदान करने हेतु पिछड़ा वर्ग अत्याचार निरोधक अधिनियम का गठन किया जाए, जिससे इस वर्ग के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।- देशभर में ऐसे तत्व सक्रिय हैं जो पिछड़ा वर्ग एवं अनारक्षित वर्ग के बीच वैमनस्यता फैलाने, दंगा भड़काने तथा समूहों के बीच शत्रुता उत्पन्न करने का कार्य कर रहे हैं। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाए।- हाल ही में तथाकथित संत आनंद स्वरूपानंद द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जो स्वयं पिछड़ा वर्ग से हैं पर की गई अशोभनीय,असंवैधानिक एवं सामाजिक विद्वेष फैलाने वाली टिप्पणी से समाज में रोष व्याप्त है। अतः इनके विरुद्ध भी एनएसए के तहत विधिक कार्रवाई की जाए।-
मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण में वर्तमान में 13 प्रतिशत सीमा प्रतिबंध होल्ड को तत्काल समाप्त कर संविधान सम्मत 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाए तथा रुकी हुई नियुक्ति प्रक्रियाएँ तत्काल प्रारंभ की जाएँ- देशव्यापी जातिगत जनगणना कराई जाए ताकि प्रत्येक वर्ग को उसकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण एवं अधिकार प्रदान किए जा सकें। उपरोक्त मांगों पर त्वरित संज्ञान लेकर आवश्यक वैधानिक एवं नीतिगत कदम उठाए जाएँ, जिससे सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की मूल भावना सशक्त हो सके। ज्ञापन में मुख्य रूप से इंद्रेश यादव,धर्मसिंह लोधी, मेहरबान सिंह,प्रभुदयाल अहिरवार,सुरेंद्र चोरयाल,गोवर्धन सिंह सहित ओबीसी महासभा के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता गण मौजूद रहे।

