टीकमगढ़। पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में टीकमगढ़ पुलिस ने जिलेभर में *सामाजिक जागरूकता अभियान* की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों में सामाजिक जिम्मेदारी, सुरक्षा और आपसी विश्वास को मजबूत करना और समाज में व्याप्त कुरीतियों और अपराधों के खिलाफ जागरूकता फैलाना है।
अभियान के तहत पुलिस टीमें ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में *जनसंवाद कार्यक्रम* आयोजित कर रही हैं। इन कार्यक्रमों में नागरिकों को उनके *संवैधानिक अधिकारों, कानून की जानकारी और सामाजिक दायित्वों* के बारे में जानकारी दी जा रही है। साथ ही, *दहेज प्रथा, बाल विवाह, नशा, बाल श्रम, भ्रूण हत्या और लिंग भेदभाव* जैसी समस्याओं के खिलाफ समाज में जागरूकता पैदा करने पर जोर दिया जा रहा है।
टीकमगढ़ पुलिस विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जहाँ *शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर कम* हैं। इन इलाकों में पुलिस लगातार स्थानीय समुदायों के साथ संपर्क में रहकर विकास और न्याय की पहुँच सुनिश्चित कर रही है।
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए पुलिस ने *“नारी सुरक्षा – नारी सम्मान”* कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, परामर्श और शिकायत निवारण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। युवाओं के लिए *खेल, करियर मार्गदर्शन और नशामुक्ति अभियान* के माध्यम से उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाना सुनिश्चित किया जा रहा है।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक *मंडलोई* ने कहा –
> “सामाजिक बदलाव तभी संभव है जब पुलिस और नागरिक मिलकर काम करें। हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह अन्याय और कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाए और समाज को सुरक्षित और न्यायपूर्ण बनाने में योगदान दे।”
टीकमगढ़ पुलिस सभी नागरिकों से अपील करती है कि वे *दहेज, बाल विवाह, नशा, हिंसा और भेदभाव* जैसी बुराइयों से दूर रहें और एक *सशक्त, सुरक्षित और कुरीतियों-मुक्त समाज* के निर्माण में सहयोग दें।

