टीकमगढ़। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय एवं पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई की अध्यक्षता में आज पुलिस कंट्रोल रूम टीकमगढ़ में आज जिला चिकित्सालय से ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त होने वाली एमएलसी मेडिको लीगल केस एवं पोस्टमार्टम रिपोर्टों’ में हो रहे विलंब को गंभीरता से लेते हुए पुलिस एवं चिकित्सा विभाग के मध्य एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने कहा कि एमएलसी एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट केवल औपचारिक दस्तावेज नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया का आधार हैं। इनकी समयबद्ध, सटीक एवं ऑनलाइन उपलब्धता प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। पुलिस एवं चिकित्सा विभाग को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी प्रकरण में अनावश्यक विलंब न हो। लापरवाही की स्थिति में जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि रिपोर्ट तैयार करने एवं अपलोड करने की प्रक्रिया में तकनीकी एवं प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक सुधार किए जाएं तथा वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से इसकी निगरानी करें। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री मंडलोई ने एमएलसी एवं पोस्टमार्टम रिपोर्टों की विवेचना, अभियोजन एवं न्यायिक प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन रिपोर्टों का समय पर उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनावश्यक विलंब से न केवल विवेचना प्रभावित होती है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में भी बाधा उत्पन्न होती है। इस संबंध में उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को ’उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने’ के निर्देश दिए। बैठक में पूर्व अवधि में चिकित्सा विभाग को प्रेषित किए गए एमएलसी एवं पोस्टमार्टम प्रकरणों की सांख्यिकीय स्थिति प्रस्तुत की गई, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि अनेक मामलों में रिपोर्ट निर्धारित समय-सीमा में प्राप्त नहीं हो पा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. अनुरागी ने बैठक में बताया कि रिपोर्टों में हो रहे विलंब को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सा अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे तथा एमएलसी एवं पोस्टमार्टम रिपोर्टों की समयसीमा तय कर पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने यह भी प्रस्ताव रखा कि दोनों विभागों के मध्य नियमित समन्वय बैठकें आयोजित की जायें, जिससे कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी हो सके। बैठक में स्वास्थ्य संस्थाओं में होने वाली एमएलसी एवं पोस्टमार्टम की ऑनलाईन एंट्री एमईडीएलईएपीआर पोर्टल पोर्टल पर किये जाने हेतु निर्देश दिये गये। साथ ही समस्त थाना प्रभारियों को सीएचसी, पीएचसी पर उपस्थित चिकित्सकों को 2 दिवसों में एमएलसी एवं पोस्टमार्टम की रिपोर्ट उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया। समस्त चिकित्सकों को थाना प्रभारियों से प्राप्त एमएलसी एवं पोस्टमार्टम की रिपोर्ट की ऑनलाईन एंट्री 5 दिवस में एमईडीएलईएपीआर पोर्टल पर किये जाने के निर्देश दिये गये। अपनी संस्था अंतर्गत थाने से पुरानी एलएलसी की सूची प्राप्त करने एवं उक्त एमएलसी एवं पीएम की एंट्री शीघ्र अतिशीघ्र कराने हेतु निर्देशित किया गया। संस्था में होने वाली नवीन एमएलसी एवं पोस्टमार्टम की ऑनलाईन एंट्री एमईडीएलईएपीआर पोर्टल पर नियमित रूप से इंद्राज किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। समस्त चिकित्सकों को एमएलसी एवं पोस्टमार्टम किये जाने पश्चात हस्ताक्षर के नीचे अपना नाम, दिनांक एवं मोबाईल नम्बर को अनिवार्य रूप से डाले जाने हेतु निर्देशित किया गया। संस्था में होने वाले एमएलसी एवं पोस्टमार्टम की एक हार्डकॉपी अनिवार्य रूप से संस्था के रिकॉर्ड में रखने हेतु निर्देशित किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह कुशवाहा, डीपीओ श्री जिनेंद्र जैन एवं सीसीटीएनएस प्रभारी श्री सुनील प्रजापति, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. अनुरागी, आरएमओ डॉ. डी.एस. भदौरिया, जिला चिकित्सालय की असिस्टेंट मैनेजर डॉ. श्रीमती अंकुर साहू, कंप्यूटर ऑपरेटर श्री शुभम श्रीवास सहित जिले के समस्त सीएससी एवं पीएससी से संबद्ध चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।

