टीकमगढ़। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की अध्यक्षता में 18 फरवरी 2026 बुधवार के दिन तहसील लिधौरा में संकल्प से समाधान अभियान अंतर्गत राजस्व के प्रकरणों के त्वरित समाधान एवं निराकरण के उद्देश्य से शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान राजस्व के अभिलेख सुधार के लिए एक साथ कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदार कोर्ट लगाकर आवेदनों का निराकरण किया गया। शिविर के दौरान कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय, एसडीएम जतारा श्री संजय कुमार दुबे तथा तहसीलदार श्री ओपी गुप्ता की उपस्थिति में तहसील लिधौरा में कोर्ट लगाया गया, जिसमें पटवारी,तहसीलदार तथा कलेक्टर कार्यालय से संबंधित सभी रिपोर्ट ली गईं और मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया गया। इसके साथ ही कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने उन मामलों को तत्काल पारित करने के लिए अनुमतियां दीं, जो 05 साल से ज्यादा पुराने थे, ताकि प्रशासन की कार्यप्रणाली में कोई रुकावट नहीं आए। शिविर में एक ही दिन में 120 से अधिक प्रकरणों को दर्ज किये गये, जिनमें से राजस्व के अभिलेख सुधार के सभी 120 प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया गया। गौरतलब है कि गत सप्ताह मोहनगढ़ और दिगोड़ा तहसीलों में भी इसी प्रकार के विशेष राजस्व सुधार कैम्प आयोजित किए गए थे। मोहनगढ़ में 52 तथा दिगोड़ा में 77 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस प्रकार अब तक तीनों तहसीलों में कुल 249 लंबित प्रकरणों का त्वरित समाधान किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि राजस्व अभिलेख सुधार संबंधी इन प्रकरणों के लंबित रहने का मुख्य कारण वर्ष 2011-2014 के दौरान हुए राजस्व अभिलेखों के कंप्यूटरीकरण में हुई त्रुटियाँ थीं। कई मामलों में नाम की गलत प्रविष्टि जैसे ‘कल्ले’ की जगह ‘कालका यादव’, ‘नन्ना’ की जगह ‘पन्ना’, रकबे की त्रुटि, पिता के नाम में गलती या आधार एवं राजस्व रिकॉर्ड में नामों की भिन्नता जैसी समस्याएँ सामने आईं। इन त्रुटियों के कारण फौती दर्ज नहीं हो पा रही थी या रजिस्ट्री की प्रक्रिया अटक रही थी, जो कि राजस्व विभाग के लिये जटिल समस्या थी।
इन समस्याओं को संज्ञान में लेते हुये कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने इनके निराकरण के उद्देश्य से तीनों कोर्ट एक साथ एक स्थान पर लगाने की पहल की। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की पहल पर एसडीओ और तहसीलदार के न्यायालय एक ही दिन, एक ही स्थान पर लगाए गए। मौके पर ही रिपोर्ट, अनुमति और आदेश की संपूर्ण प्रक्रिया पूरी कर उसी दिन अभिलेखों में संशोधन किया गया तथा आवेदकों को आदेश की प्रति भी सौंप दी गई। कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने कहा कि 31 मार्च तक जिले के सभी लंबित राजस्व सुधार प्रकरणों का पूर्ण निराकरण लक्ष्य है, ताकि भविष्य में ग्रामीणों को अनावश्यक दौड़-भाग से मुक्ति मिल सके। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस सक्रिय, पारदर्शी और जन-केंद्रित पहल की सराहना करते हुए इसे त्वरित न्याय और जवाबदेही का सशक्त उदाहरण बताया है।
इस अवसर पर एसडीएम जतारा श्री संजय कुमार दुबे, डिप्टी कलेक्टर सुश्री अंजली शर्मा, जनपद पंचायत जतारा सीईओ, तहसीलदार लिधौरा ओपी गुप्ता, नायब तहसीलदार समस्त पटवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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