टीकमगढ़। मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष एस.एन. मिश्रा तथा आयोग के सदस्य अक्षय कुमार सिंह की अध्यक्षता में 18 फरवरी 2026 बुधवार के दिन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय, जिला पंचायत सीईओ नवीत कुमार धुर्वे, अपर कलेक्टर शिवप्रसाद मंडराह, एएसपी विक्रम सिंह कुशवाह, एसडीएम टीकमगढ़ संस्कृति मुदित लटौरिया, एसडीएम बल्देवगढ़ श्रीमती भारती देवी मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर सुश्री अंजली शर्मा तथा निशांत भूरिया सहित संबंधित अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। बैठक में मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष एस.एन. मिश्रा द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों से प्रशासनिक इकाई के पुनर्गठन हेतु सुझाव लिये गये। उन्होंने कहा कि आयोग का कार्यक्षेत्र प्रदेश में भौगोलिक परिस्थितियों एवं जन अपेक्षाओं के आधार पर और अधिक जनोन्मुखी तथा सुलभ प्रशासन उपलब्ध करने के उद्देश्य से वर्तमान में संभाग, जिला, तहसील एवं जनपद,विकासखंड स्तर पर प्रशासनिक इकाईयों के पुनर्गठन के संबंध में अनुशंसायें करना है। उन्होंने कहा कि एक जिले को आदर्श जिला बनाने के लिये भौगोलिक सीमायें बनाने मात्र से प्रशासनिक कार्य बेहतर नहीं हो सकता है, इसके लिये पद संरचना एवं प्रशासनिक संरचना की भी जरूरत है, जिसके लिये आप सभी से सुझाव लिये जा रहे हैं। आयोग के अध्यक्ष एस.एन. मिश्रा ने कहा कि विकसित मध्यप्रदेश विजन , 2047 के लक्ष्य एवं जनोन्मुखी सुलभ प्रशासन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्तमान में भौगोलिक सीमाओं, प्राकृतिक कारकों तथा भविष्य की उपयोगिताओं को ध्यान में रखते हुये सुझाव प्रस्तुत करें। प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के सदस्य श्री अक्षय कुमार सिंह ने परिसीमन हेतु व्यवस्थाओं और सीमाओं के पुनर्गठन हेतु बैठक में उपस्थित जिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सुझाव लिये, जिस पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विभागीय समस्यायें, मैदानी क्षेत्रों में कार्य करने के दौरान आने वाली समस्यायें, स्थापना सहित अन्य समस्याओं से अवगत कराया गया। साथ ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा जन अपेक्षाओं पर आधारित और अधिक जनोन्मुखी तथा सुलभ प्रशासन के संबंध में अपने विचार व्यक्त किये गये। बैठक में कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने कहा कि प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के परिपालन में बेहतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के पूरे प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों को देखते हुये सभी जिला अधिकारी अपनी योजना बनाकर प्रस्तुत करें। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग का उद्देश्य राज्य की प्रशासनिक इकाईयों यथा संभाग, जिला, उपखण्ड, तहसील एवं जनपद,विकासखंड के परिसीमन सृजन एवं सीमाओं में परिवर्तन एवं युक्तियुक्तकरण करना है। साथ ही प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों एवं जन अपेक्षाओं के आधार पर और अधिक जनोन्मुखी एवं सुलभ प्रशासन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्तमान संभाग, जिला, तहसील एवं जनपद,विकास खण्ड प्रशासनिक इकाईयों के पुनर्गठन के संबंध में, प्रशासनिक इकाईयों की पद संरचना एवं उनके आकार एवं कार्यों के अनुपात में पदों की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए प्रशासनिक इकाईयों की पदीय संरचना का युक्तियुक्तकरण, भविष्य में नवीन प्रशासनिक इकाईयों के गठन हेतु मार्गदर्शी सिद्धान्तों के संबंध में तथा प्रशासनिक इकाईयों के पुर्नगठन हेतु संबंधित संभाग,जिलों का भ्रमण कर सुझाव प्राप्त करना एवं प्रशासनिक इकाईयों की दक्षता बढ़ाने हेतु अन्य अनुशंसायें करना है। आयोग द्वारा वर्तमान में जो प्रशासनिक इकाईयां काम कर रही हैं उसके अधिकारियों जैसे कलेक्टर, तहसीलदार आदि के लिए एक प्रश्नावली तैयार की गई है। प्रश्नावली के संबंध में आयोग के भ्रमण के दौरान प्रत्येक जिले में कलेक्टर एवं उनके अधीनस्थों के साथ विचार विमर्श किया जा रहा है। कलेक्टर के माध्यम से प्रेषित प्रश्नावली की आयोग द्वारा समीक्षा की जायेगी। आयोग द्वारा निर्धारित प्रश्नावली को वेब पोर्टल के माध्यम से पब्लिक डोमेन में जारी किया गया है। पोर्टल पर ऐसा कोई भी व्यक्ति,संस्था,समिति,माननीय जनप्रतिनिधि जो किसी भी प्रशासनिक इकाई में कोई युक्तियुक्तकरण,विलोपन,नवीन सृजन चाहते हैं तो वे पोर्टल की प्रश्नावली के अनुरूप अपने प्रस्तावों को भरेंगे जो आयोग के स्तर पर समीक्षा की जायेगी। इस प्रकार से कलेक्टरों द्वारा प्राप्त प्रस्तावों एवं व्यक्ति,संस्था,समिति, माननीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रेषित प्रस्तावों की जाँच उपरांत आयोग अपनी स्पष्ट अनुशंसा दे सकेगा। अनुशंसा के पूर्व आयोग द्वारा इस संबंध में विभिन्न कारको पर आधारित मापदंड निर्धारित किये जायेंगे।

