टीकमगढ़ । ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के सुरक्षित, शिक्षित एवं सम्मानजनक भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से जिला पुलिस द्वारा बाल श्रम उन्मूलन विषयक विशेष जन-जागरूकता अभियान संवेदनशील एवं सहभागी दृष्टिकोण के साथ संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल बाल श्रम की रोकथाम करना है, बल्कि ग्रामीण समुदाय—विशेषकर महिलाओं, बच्चों एवं अभिभावकों—को शिक्षा के महत्व एवं बच्चों के समग्र विकास के प्रति जागरूक करना भी है। पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई द्वारा जिले के समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में समुदाय आधारित संवाद कार्यक्रम आयोजित कर बाल श्रम के विरुद्ध प्रभावी वातावरण निर्मित करें, साथ ही शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं सशक्त भविष्य की दिशा में परिवारों को प्रेरित करें। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाह एवं एसडीओपी राहुल कटरे के मार्गदर्शन में दिनांक 18.02.2026 को महिला थाना पुलिस टीम द्वारा थाना देहात क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नारगुड़ा में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने ग्रामीण महिलाओं, बच्चों एवं अभिभावकों से सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें समझाया कि बाल श्रम बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। बाल श्रम के कारण बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं, जिससे उनका भविष्य सीमित अवसरों तक सिमट जाता है। पुलिस द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि अल्पकालिक आर्थिक लाभ के लिए बच्चों को श्रम में प्रवृत्त करना दीर्घकालिक सामाजिक एवं आर्थिक हानि का कारण बनता है। शिक्षा ही वह माध्यम है जो बच्चों को आत्मनिर्भर, जागरूक एवं सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करती है।कार्यक्रम में बाल श्रम के दुष्प्रभावों को सरल एवं प्रभावी उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया कि बाल श्रम से बच्चों का बचपन और सीखने की क्षमता प्रभावित होती है। इससे गरीबी का दुष्चक्र पीढ़ी-दर-पीढ़ी बना रहता है। मानसिक तनाव, आत्मविश्वास की कमी एवं सामाजिक असुरक्षा जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। पुलिस टीम ने अभिभावकों को प्रेरित किया कि वे अपने बच्चों—विशेषकर बालिकाओं—को नियमित रूप से विद्यालय भेजें तथा उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास के अवसरों की जानकारी प्राप्त करें अभियान के दौरान महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, ऑनलाइन ठगी से सतर्कता, तथा सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन संबंधी आवश्यक जानकारी भी प्रदान की गई। ग्रामीण नागरिकों को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए अपील की गई कि बाल श्रम, महिला उत्पीड़न अथवा किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। जिला पुलिस टीकमगढ़ समाज के प्रत्येक वर्ग विशेषकर महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा एवं अधिकारों की रक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। भविष्य में भी ग्राम स्तर पर संवाद, विधिक जागरूकता एवं सकारात्मक सहभागिता के माध्यम से ऐसे अभियान निरंतर संचालित किए जाते रहेंगे।

