टीकमगढ़। जिले में नारकोटिक्स एवं अन्य नशीले पदार्थों की रोकथाम, अवैध तस्करी पर नियंत्रण तथा विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय एनसीओआरडी समिति की बैठक दिनांक 25 फरवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विवेक श्रोतीय, कलेक्टर ने पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के उपस्थिति में की गई। बैठक में जॉइंट कलेक्टर , जिला शिक्षा अधिकारी, विक्रम सिंह कुशवाहा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उपसंचालक कृषि, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला औषधि निरीक्षक, वाणिज्य कर अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, शासकीय अग्रणी महाविद्यालय के प्राचार्य ,थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक रविभूषण पाठक,एनसीबी भोपाल के प्रतिनिधि उप निरीक्षक अमन पचौरी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री, सिंथेटिक ड्रग्स के दुरुपयोग एवं युवाओं में नशे की प्रवृत्ति पर विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर विवेक श्रोतीय ने कहा कि नशा उन्मूलन केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी चुनौती भी है। उन्होंने सभी विभागों को जनजागरूकता, सामुदायिक सहभागिता एवं संस्थागत समन्वय के माध्यम से व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा संस्थानों, ग्राम स्तर की समितियों एवं स्वास्थ्य तंत्र की सक्रिय भूमिका पर बल देते हुए कहा कि समाज, प्रशासन और परिवार तीनों के संयुक्त प्रयासों से ही नशा मुक्त जिले का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। पुलिस अधीक्षक श्री मंडलोई ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाए। हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर सतत निगरानी, प्रभावी कार्रवाई एवं एनडीपीसी प्रकरणों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करते हुए नशा उन्मूलन की दिशा में ठोस एवं परिणामोन्मुख प्रयास करने हेतु निर्देशित किया।
—मुख्य निर्णय एवं दिशा-निर्देश—पुलिस विभाग-
अवैध मादक पदार्थों की जप्ती एनडीपीसी प्रकरणों की समीक्षा, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान एवं निरंतर कार्रवाई।—-औषधि निरीक्षक—मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच, बिना चिकित्सकीय पर्चे के प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर कठोर कार्रवाई।—राजस्व विभाग—
शासकीय भूमि पर अवैध मादक पदार्थों की खेती की निगरानी एवं रोकथाम।—शिक्षा विभाग—स्कूल,कॉलेजों में एंटी-ड्रग कमेटी का गठन, नोडल अधिकारी नियुक्ति, परिसर के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी एवं सीसीटीवी व्यवस्था सुदृढ़ करना।—कृषि विभाग— संभावित प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक फसल एवं विकास कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को जागरूक करना।
—स्वास्थ्य विभाग—नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों पर जनजागरूकता अभियान एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से सतत संवाद।—-आबकारी विभाग—अवैध शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों की जांच, निर्माताओं, विक्रेताओं पर कार्रवाई एवं जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन। बैठक के समापन पर पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर द्वारा नशे से प्रभावित ग्रामों की पहचान कर उन्हें गोद लेकर नशामुक्त बनाने हेतु समग्र कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया गया। समिति के सभी सदस्यों ने समन्वित प्रयासों के माध्यम से नशा मुक्त जिले के लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प व्यक्त किया।सतत निगरानी, सख्त कार्रवाई एवं व्यापक जनजागरूकता से ही नशा मुक्त समाज का निर्माण संभव है।
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