चित्रगुप्त घाट पर अखिल भारतीय कायस्थ समाज का महा-श्रमदान, सीढ़ियों पर सफाई कर हटाई काई l
नर्मदापुरम। तपती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी का एक अनूठा उदाहरण स्थानीय चित्रगुप्त घाट पर देखने को मिला। अखिल भारतीय कायस्थ समाज के तत्वावधान में रविवार को मां नर्मदा के इस पावन तट पर एक वृहद स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस पुनीत कार्य में समाज के प्रबुद्ध जनों के साथ-साथ मातृशक्ति ने भी बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उठाई झाड़ू और तगाड़ी
अक्सर देखा जाता है कि नर्मदा के घाटों की सीढ़ियों पर जलभराव के कारण अत्यधिक काई जमा हो जाती है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं के फिसलने और चोटिल होने की आशंका बनी रहती है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिला शक्ति ने सबसे पहले घाट की सीढ़ियों पर जमी काई को रगड़कर साफ किया, ताकि स्नानार्थियों को कोई असुविधा न हो।
कचरा प्रबंधन: पूरे घाट परिसर की झाड़ू से की सफाई
अभियान के दौरान घाट परिसर में बिखरे हुए कचरे और पॉलीथिन को तगाड़ियों में भरकर किनारे पर रखे डस्टबिन में एकत्रित किया गया। इस चिलचिलाती गर्मी में भी मातृशक्ति द्वारा हर रविवार को यहाँ पहुँचकर सेवा देना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्रबुद्ध जनों ने दिया स्वच्छता का संदेश
अभियान के दौरान उपस्थित प्रबुद्ध जनों ने समाज को जागरूक करते हुए अपने विचार साझा किए:
सुनील राय (समाजसेवी): “जीवनदायिनी मां नर्मदा की सेवा करने का यह अवसर हमारे लिए सौभाग्य की बात है। नर्मदा जी हमारी संस्कृति और जीवन का आधार हैं। हम सभी का यह दायित्व है कि हम इस पावन धरोहर को निर्मल और सुंदर बनाए रखें। मैं सभी भक्तों से करबद्ध प्रार्थना करता हूँ कि नदी की पवित्रता को भंग न करें। घाटों पर प्लास्टिक, पॉलिथीन, कॉस्टिक सामग्रियां या फूल-मालाएं न फेंकें।”
अभय वर्मा (उपाध्यक्ष, नगर पालिका): “मातृशक्ति और स्थानीय समाज के सामूहिक प्रयासों से यह अभियान लगातार गति पकड़ रहा है और भविष्य में भी यह अनवरत जारी रहेगा। धर्मप्रेमी जनता से हमारी अपील है कि वे पूजा सामग्री को सीधे जल में विसर्जित करने के बजाय निर्धारित स्थानों का ही उपयोग करें।”
श्रीमती ज्योति वर्मा (अध्यक्ष): “सेवा कार्य में अग्रसर रहना ही हमारे समाज की असली पहचान है।”
सेवा कार्य में यह रहे उपस्थित
इस नि:स्वार्थ सेवा कार्य और श्रमदान में अपनी उपस्थिति से ऊर्जा भरने वालों में मुख्य रूप से सेवानिवृत्त शिक्षिका मंजू वर्मा, नगर पालिका उपाध्यक्ष अभय वर्मा, अध्यक्ष ज्योति वर्मा, मनोज वर्मा, सीबी खरे, गुड्डू वर्मा, समाजसेवी सुनील राय, प्रीती खरे, विजय वर्मा, अशोक वर्मा, रश्मि वर्मा, रितु श्रीवास्तव, लालता प्रसाद, ममता तिवारी और आदित्य वर्मा सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक शामिल रहे।
आज का विचार:
“नदियां हमारी सभ्यता की जीवनरेखा हैं। घाटों की स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर जागरूक नागरिक का परम कर्तव्य है।”
: पत्रकार कुणाल पासवान

