टीकमगढ़। पुलिस व्यवस्था की मजबूती केवल संसाधनों और कार्यप्रणाली से नहीं, बल्कि पुलिस बल के मनोबल, आपसी विश्वास और भावनात्मक सशक्तिकरण से भी सुनिश्चित होती है। इसी सोच को केंद्र में रखते हुए पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई द्वारा जिला टीकमगढ़ में एक अभिनव एवं संवेदनशील पहल “चाय पर चर्चा” प्रारंभ की गई है।
इस पहल का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ आत्मीय संवाद स्थापित करना, उनकी व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं व्यावसायिक चुनौतियों को समझना तथा उनके समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रयास सुनिश्चित करना है। यह पहल पुलिस परिवार के भीतर संवाद, सहयोग और विश्वास की भावना को और अधिक मजबूत कर रही है।
संवाद का सरल माध्यम, विश्वास का मजबूत आधार
“चाय पर चर्चा” के अंतर्गत पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी अनौपचारिक वातावरण में एक साथ बैठकर अपने अनुभव, विचार एवं भावनाएं साझा कर रहे हैं। इस आत्मीय संवाद से कर्मचारियों को अपनी बात खुलकर रखने का अवसर मिल रहा है, जिससे पारस्परिक समझ, सहयोग और भावनात्मक जुड़ाव को नई मजबूती मिल रही है।
समस्याओं को सुनने और समझने की सार्थक पहल
दिनांक 04 जून 2026 को जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी स्तर पर थाना प्रभारियों द्वारा अपने-अपने स्टाफ के साथ संवाद सत्र आयोजित किए गए। इस दौरान कर्मचारियों की पारिवारिक, व्यक्तिगत एवं कार्य संबंधी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा उनके समाधान हेतु आवश्यक कदम उठाए गए।
जिन विषयों के निराकरण के लिए उच्च स्तर पर निर्णय अपेक्षित है, उन्हें पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत किया गया ताकि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनाई जा सके।
सकारात्मक कार्य संस्कृति की ओर महत्वपूर्ण कदम
यह पहल केवल समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस बल के भीतर सकारात्मक कार्य संस्कृति, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, टीम भावना और पारस्परिक सम्मान को भी प्रोत्साहित कर रही है। साथ ही पुलिस कल्याणकारी योजनाओं एवं अन्य उपयोगी जानकारी का आदान-प्रदान भी इस मंच के माध्यम से प्रभावी रूप से किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई द्वारा इस नवाचार के अंतर्गत प्राप्त सुझावों एवं फीडबैक की नियमित समीक्षा की जा रही है। उनका मानना है कि एक संतुष्ट, प्रेरित और भावनात्मक रूप से सशक्त पुलिस बल ही समाज को अधिक संवेदनशील, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान कर सकता है।
“संवाद से विश्वास जन्म लेता है और विश्वास से मजबूत होता है हर संगठन। पुलिस परिवार का हर सदस्य हमारी सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है।”

