टीकमगढ़। आगामी सिंहस्थ-2028 महापर्व को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से टीकमगढ़ पुलिस द्वारा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस बल को बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान उत्पन्न होने वाली विभिन्न परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए व्यवहारिक रूप से तैयार करना है।
इसी क्रम में पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रशिक्षण सत्र में पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने तृतीय बैच में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सुरक्षा प्रबंधन के विभिन्न आयामों पर विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया।
सुरक्षा के साथ सेवा भाव भी पुलिस की पहचान
प्रशिक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती नहीं होते, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, सुविधा और सुरक्षा से भी जुड़े होते हैं। ऐसे आयोजनों में पुलिसकर्मी केवल सुरक्षा कर्मी नहीं, बल्कि मार्गदर्शक, सहयोगी और संकटमोचक की भूमिका भी निभाते हैं।
उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि ड्यूटी के दौरान धैर्य, विनम्रता, संवेदनशीलता और सकारात्मक व्यवहार को प्राथमिकता दें, जिससे श्रद्धालुओं को सहज एवं सुरक्षित वातावरण प्राप्त हो सके।
हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने का प्रशिक्षण
प्रशिक्षण में भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने, आकस्मिक घटनाओं में त्वरित प्रतिक्रिया देने, आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के समन्वय, यातायात संचालन तथा जनसुविधाओं के बेहतर प्रबंधन पर विशेष चर्चा की गई।
साथ ही लापता व्यक्तियों की खोज, महिला एवं बाल सुरक्षा, सार्वजनिक सूचना प्रणाली के उपयोग, अफवाह नियंत्रण तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के व्यावहारिक पहलुओं की भी जानकारी दी गई।
अनुभवों से मिली सीख
सत्र के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री मंडलोई ने बड़े धार्मिक आयोजनों में अपने पूर्व अनुभव साझा करते हुए बताया कि किसी भी सफल आयोजन की कुंजी पूर्व तैयारी, सतत सतर्कता और टीमवर्क में निहित होती है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी व्यवस्थाएं भी बड़ी चुनौतियों को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
जनसहयोग को बताया सफलता का आधार
उन्होंने पुलिसकर्मियों को बताया कि किसी भी बड़े आयोजन की सफलता केवल प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर निर्भर नहीं करती, बल्कि नागरिकों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनती है। इसलिए आमजन के साथ सकारात्मक संवाद बनाए रखना आवश्यक है।
पुलिस अधीक्षक का संदेश
“सिंहस्थ जैसे महाआयोजन हमारी कार्यक्षमता, संवेदनशीलता और समर्पण की परीक्षा होते हैं। हमारा लक्ष्य केवल सुरक्षा व्यवस्था संभालना नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सम्मानजनक और सहज अनुभव उपलब्ध कराना है।”
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