टीकमगढ़। वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) लागू किए जाने के विरोध में गुरुवार को जिलेभर के शिक्षक-शिक्षिकाओं का जनसैलाब नजरबाग मैदान में उमड़ पड़ा। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले मध्यप्रदेश शिक्षक संघ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विकासखंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं शामिल हुईं।
नजरबाग मैदान में हुआ शिक्षकों का एकत्रीकरण
जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार नापित ने बताया कि 18 जून 2026 को शाम 4:30 बजे नजरबाग मैदान में जिले के कोने-कोने से शिक्षक-शिक्षिकाएं एकत्रित हुए। कार्यक्रम में महिला शिक्षकों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। बड़ी संख्या में मातृशक्ति के रूप में महिला शिक्षकों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया।
रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे शिक्षक
नजरबाग मैदान से शिक्षकों ने रैली निकाली और विभिन्न नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां प्रभारी कलेक्टर एस.के. तोमर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा प्रदेश के शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी लागू करने का विरोध
ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति तत्कालीन शासन के नियमों के अनुसार हुई थी। ऐसे में बाद में लागू हुए शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के प्रावधानों को भूतलक्षी प्रभाव से लागू करना न्यायसंगत नहीं है। शिक्षकों का तर्क है कि आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त कर्मचारियों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना नियमों और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
‘नो टीईटी बिफोर आरटीई एक्ट’ के लगे नारे
संभागीय सचिव बुद्ध सागर सिंह ने कहा कि किसी भी नियम को उसके लागू होने की तिथि से प्रभावी माना जाता है, उसे पूर्व वर्षों पर लागू नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता शिक्षकों के सम्मान के विरुद्ध है।
जिला कोषाध्यक्ष प्रमोद दूरवार ने कहा कि क्या शिक्षकों को जीवनभर परीक्षाओं से गुजरना पड़ेगा। वर्तमान में शिक्षकों को अपनी नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य और उनकी परीक्षाओं की चिंता है।
रैली के दौरान जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र नरवरिया एवं प्रदीप जैन ने “नो टीईटी बिफोर आरटीई एक्ट” जैसे नारों से शिक्षकों में जोश भर दिया।
प्रदेशभर में सौंपे गए ज्ञापन
संगठन मंत्री जगदीश दुबे ने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर मध्यप्रदेश के सभी जिलों में ज्ञापन सौंपे गए हैं। टीकमगढ़ जिले के जतारा, मोहनगढ़, पलेरा, लिधौरा और बड़ागांव सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।
आभार के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में जिला संगठन मंत्री जगदीश दुबे ने सभी उपस्थित शिक्षकों, पदाधिकारियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संगठन आगे भी संघर्ष जारी रखेगा।

