टीकमगढ़। कलेक्टर सुभाष कुमार द्विवेदी एवं पुलिस अधीक्षक प्रषांत खरे की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में म.प्र. शासन के निर्देशानुसार नारकोटिक्स एवं अन्य नशीली दवाओं की रोकथाम एवं बेहतर समन्वय के तारतम्य में एनसीओआरडी हेतु जिला स्तरीय समित की बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर समिति सदस्य सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में नशा मुक्ति अभियान अंतर्गत टीकमगढ़ जिले में नशीले पदार्थों एवं अन्य नशीली दवाओं की रोकथाम एवं बेहतर समन्वय के तारतम्य बिन्दुओं पर चर्चा की गई। कलेक्टर श्री द्विवेदी ने कहा कि जिले में नषामुक्ति केन्द्र खोला जायेगा। उन्होंने कहा कि यदि कहीं चरस, गांजा या नषा के पदार्थाें का उत्पाद हो रहा है उस पर कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि परिवारजनों एवं षिक्षकों द्वारा बच्चों पर ध्यान दिया जाये और उन्हें नषा जैसी प्रवत्ति से दूर रखें। उन्होंने कहा कि समस्त शिक्षक,प्रधानाध्यापक विद्यालयों में बच्चों को नशे से दूर करने के लिये उनके दुष्परिणाम से अवगत करायें। हमें हमारे आचरण पर भी संयम रखते हुये बच्चों को नशे आदि के बातावरण से दूर रखना है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं पर कड़ी नजर रखें एवं नषे का सेवन करते पाये जाने वाले छात्रों के परिजनों को सूचित करें।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री खरे ने कहा कि विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में भी षिक्षक छात्रों पर ध्यान रखें जिससे वे नषे से दूर रहें। उन्होंने कहा कि काॅलेज के आस-पास नषीली वस्तुओं उत्पाद की विक्री नहीं हो, इस हेतु संबंधित अधिकारियों द्वारा निरंतर मानिटरिंग की जाये। उन्होंने कहा कि हमारी युवा पीढी को नशे से जागरूक कर उन्हें अंधकार की ओर जाने से बचाया जा सकता है तथा उनके भविष्य को भी सुधारा जा सकता है।

