टीकमगढ़ । प्रकरण की जानकारी देते हुए विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट श्रीमती नर्मदांजलि दुबे ने प्रेस को प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि उक्त मामला थाना लिधौरा का होकर पाक्सो एक्ट से संबंधित होकर विशेष न्यायाधीश पास्को एक्ट विचाराधीन था जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा निर्णय पारित करते हुए आरोपी अवधेश उर्फ रब्बू ढीमर को धारा 376 (3) भादवि. के अपराध में 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 20 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी वरिष्ठ सहा. जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती अंजली अग्रवाल एवं विशेष लोक अभियोजक पास्को एक्ट नर्मदाजलि दुबे के द्वारा की गई। श्रीमती द्विवेदी ने बताया कि अभियोक्त्री के पिता ने थाना लिधौरा में इस आशय की रिपोर्ट लेख करायी कि दिनांक 02.06.19 को रात करीब 9 बजे खाना पीना खाकर सो रहे थे, उसकी लड़की अपनी मां के साथ घर के अंदर बखरी में सो रही थी वहीं पास में वह उसकी पत्नि तथा उसका लड़का भी सो रहे थे। सुबह करीब 5 बजे जब उसकी नींद खुली तो उसकी लड़की घर पर नहीं थी, जिसकी उसने घर पर आसपास मोहल्ले में एवं रिश्तेदारी में पता किया, जिसका कोई पता नहीं चला, उसकी लड़की को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। उक्त सूचना के आधार पर गुमईसान सूचना लेख की जाकर गुमशुदा व्यक्ति का पंजीकरण पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गई। विवेचना के दौरान अभियोक्त्री को दस्तयाब किया गया। अभियोक्त्री के कथन महिला निरीक्षक श्रीमती मैना पटेल द्वारा लेखबद्ध किये गये। अभियोक्त्री ने अपने कथनों में अभियुक्त अवधेश उर्फ रब्बू ढीमर उसे बहला-फुसलाकर दिल्ली ले गया था, जहाँ पर अपने साथ रखकर उसके साथ कई बार बलात्संग किया। अभियोक्त्री का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। अभियोक्त्रों की उम्र एवं जाति से संबंधित दस्तावेज जब्त किये गये। अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। अभियोक्त्री से जब्त स्तोत्रों एवं अभियुक्त का दो एम. एल. रक्त सील नमूना सहित एफ. एस. एल. सागर ड्रॉफ्ट द्वारा डीएनए जांच हेतु भेजा गया । शासन द्वारा प्रकरण को जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण के रूप में चिन्हित किया गया। अनुसंधान पूर्ण होने के पश्चात् अभियुक्त के विरूद्ध थाना लिधौरा के अपराध क्र. 114/2019, अंतर्गत धारा 363, 366, 376(2)(N), 376(2)(i) भा.दं.सं. 1860 तथा धारा 5/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 एवं 3(1)(w)(ii),3(2)(v),3(2)(va) एससी,एसटी एक्ट के अंतर्गत दंडनीय अपराध का विचारण किये जाने हेतु अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट, टीकमगढ़ के समक्ष प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा कुल 21 साक्षियों को परीक्षित एवं 31 दस्तावेजों को प्रदर्शित कराया गया। माननीय न्यायालय द्वारा विचारण के दौरान आई मौखिक, दस्तावेजी, वैज्ञानिक डीएनए रिपोर्ट साक्ष्य एवं अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्कों के आधार पर आरोपी को अभियोक्त्री से बलात्संग करने के अपराध में दोषसिद्ध ठहराते हुए धारा 376 (3) भादवि. के अपराध में 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 20 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

