टीकमगढ़। तालदरवाजा मोहल्ला स्थित प्रसन्न राघव मंदिर में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के आयोजन में चौथे दिन आचार्य मुकुटधर पाण्डेय ने प्रहलाद चरित्र, वामन अवतार, नर्सिंग अवतार, समुद्र मंथन और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा का वर्णन किया गया। आचार्य श्री ने कहा कि जब जब अत्याचार बढ़ा है तब भगवान को किसी न किसी रूप में अवतार लेना पड़ा है उन्होने बताया कि कंस के राज्य में अत्याचार और अनाचार इतना बढ़ गया जिससे ऋषि मुनि देवता सभी त्रस्त हो गए। तब भगवान श्रीकृष्ण ने मनुष्य कल्याण के लिये अवतार लिया। कथा के दौरान आचार्य श्री ने कहा कि मानव जीवन में समस्याओं का आना जाना लगा ही रहता है। अधितर लोग समस्याओं से डर जाते है और सफलता से दूर हो जाते है। समस्याओं से डरे नहीं बल्कि उसका समाधान खोजे और आगे बढ़े जीवन में सफल हो पाओगे और खुशहाली आएगी। मुख्य यजमान रज्जू महाराज ने बताया कि ७ दिसंबर को रूकमणी विवाह व 8 नवंबर को अंतिम दिन सुदामा चरित्र की कथा एवं बृज की फूल होली की कथा होगी। —- भजन सुनाकर नाचने को मजबूर हुए श्रोता ….कृष्ण जन्मोत्सव महोत्सव में महाराज ने अवतार भयो आली कन्हैया को भयो अवतार, बृज में हो रही जय जयकार नंद घर लाला जायो है, चलो देख आवे नंद के लाल हुआ, जुग जुग जीवे रे यशोदा तेरो ललना, भजन सुनाकर श्रोताओं को नृत्य करने को मजबूर कर दिया। जन्मोत्सव में आचार्य ने व्यास गद्दी से श्रोताओं को मिश्रि, लड्डू, मिठाई, गेंद, लुटाई एवं बच्चों ने मटकी भी फोड़ी जन्मोत्सव के दौरान श्रोताओं ने जमकर नृत्य किया। कथा में संगीत पर जयनारायण पाण्डेय, मुकेशानंद, नवीन मिश्रा मुकेश पांण्डेय आदि ने सहभागिता निभाई।

