टीकमगढ़। शहर के तालदरवाजा स्थित प्रसन्न राघव मंदिर में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के अंतिम दिन आचार्य मुकुटधर पाण्डेय ने नृग राजा की कथा, सुदामा चरित्र और संपूर्ण भागवत कथा के मुख्य बिंदुओं का वर्णन किया। साथ ही बृज की फूल की होली के साथ कथा का समापन किया गया। सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुये आचार्य श्री पाण्डेय ने कहा कि दोस्ती भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की तरह होनी चाहिए। जिसमें सच्ची मित्रता दर्शाई गई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में स्वार्थ के लिए लोग एक दूसरे के साथ मित्रता कर रहे है और काम निकल जाने पर लोग एक दूजे को भूल जाते है। महाराज ने कहा कि दोस्ती में अगर कोई बिजनेस पार्टनर भी हो तो उसमें उन्नचस प्रतिशत हमारा और इक्यावन प्रतिशत सामने वाले का होने की भावना हो तो दोस्ती में कभी दरार नहीं आएगी। महाराज ने संपूर्ण कथा के बारे में बताते हुये कहा कि जो व्यक्ति भागवत कथा से किसी भी माध्यम से जुड़ता है या सुनता है वह जीवन में असफल व भटकता नहीं है। होली के बारे में बताते हुए मुकुधर पाण्डेय ने कहा कि बृज में भगवान श्रीकृष्ण अपनी सखियों व गोपियों के साथ होली लीला इसलिए करते थे कि सब एकता और भाईचारे में रहे। ….पंडाल में खूब बरसे फूल …..कथा के अंत में बृज की फूल होली दौरान व्यास गद्दी से महाराज ने श्रोताओं पर खूब फूल बरसाए। इस दौरान होली खेलन आयो है नटवर नंद किशोर, नेनन में पिचकारी दई मौए गाली दई होली खेली न जायें, आज बृज में होली रे रसिया जैसे भजन सुनाकर श्रोताओं को नृत्य करने को मजबूर कर दिया। इस दौरान महाराज ने व्यास गद्दी से श्रोताओं पर फूल बरसायें और श्रोताओं ने भी एकदूसरे पर फूल वर्षाकर बृज की फूल होली का आनंद लिया। …चौकी वाले बाबा भी आर्शीवाद देने पहुंचे… कथा के दौरान संत बब्लू महाराज चौकी वाले बाबा भी श्रोताओं को आर्शीवाद देने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने श्रोताओं से भक्ति से जुड़े रहने और धार्मिक आयोजन करते रहने की बात कही। आचार्य मुकुटधर पाण्डेय और आयोजन समिति द्वारा संत बब्लू महाराज का स्वागत, सम्मान किया। अंत में उपस्थित सभी श्रोताओं ने भागवत कथा की आरती की।

