टीकमगढ़। संविदा स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी संघ की अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल में दिनोंदिन अधिकारी कर्मचारियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है और लगातार यह एकजुटता अपनी मांगों को लेकर दिख रही है हड़ताल के पांचवें दिन 19 दिसंबर 2022 सोमवार को जिला अस्पताल चौराहे पर हड़ताल कारियों ने एकत्रित रुप से मानव श्रृंखला बनाकर मोबाइल से ट्वीट कर शासन प्रशासन को अपनी मांगों के निराकरण कराने को लेकर मांग की और हड़ताल स्थल पर डटे रहे। इस अवसर पर भारी संख्या में जिले भर के संविदा स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी व सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी सीएचएस सहित विभिन्न पदों पर स्वास्थ्य विभाग में संविदा के तौर पर कार्यरत अधिकारी कर्मचारी शामिल रहे।
हड़ताल स्थल पर संविदा स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष नितिन तिवारी संयोजक अभिषेक चतुर्वेदी उपाध्यक्ष अनिल झां जिला मीडिया प्रभारी गौरव तिवारी सीएचओ संघ के जिला अध्यक्ष रोमेश शर्मा जिला उपाध्यक्ष कामिनी विश्वकर्मा सहित डॉक्टर अंकिता शर्मा डॉक्टर अवनीश रावत अयाज खान मोहम्मद जाहिद धर्मेंद्र प्रजापति फिरोज अहमद इकबाल मोहम्मद उमेश खरे मुकेश चौरसिया हरनाम प्रजापति संदीप कड़ा कृष्णा राय राहुल श्रीवास्तव निशा तिवारी मनसा लोधी सीएचओ संघ की जिला उपाध्यक्ष कामनी विश्वकर्मा सहित अमिताभ दुबेदी रवि मर्सकोले सुनीता सिसोदिया प्रतीक्षा सहित अधिक से अधिक संख्या में संविदा स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी और सीएचओ ,सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। हड़ताल कर रहे संगठन के पदाधिकारी नितिन तिवारी अभिषेक चतुर्वेदी रोमेश शर्मा कामिनी विश्वकर्मा गौरव तिवारी आदि का कहना है कि अब तो जब तक सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं करती तब तक हड़ताल यूं ही चलती रहेगी और अब आश्वासन से भी काम नहीं चलेगा। उल्लेखनीय है कि इधर दिनोंदिन संविदा स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारियों की हड़ताल की एक्टिविटी तेज होती जा रही है और वहीं दूसरी ओर उधर लगातार जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं गड़बड़ा रही हैं और लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं जहां ग्रामीण क्षेत्रों में तो हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं लेकिन शासन प्रशासन के कानों पर अभी तक जूं भी नहीं रेंगा है और ना ही इन अधिकारी कर्मचारियों की मांगों को लेकर शासन प्रशासन की कोई पहल अभी तक सामने आई है जिसको देखकर और सुनकर ऐसा लगता है कि शासन-प्रशासन अपनी कुंभकरणीय नींद से नहीं जागा है जबकि इन अधिकारी कर्मचारियों की हड़ताल को पांच दिन हो गए है।