बैठक के मुख्य बिंदु और कलेक्टर के कड़े निर्देश I
1. गर्भवती महिलाओं एवं शिशु स्वास्थ्य की निगरानी
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समय पर पंजीयन व जांच: सभी गर्भवती महिलाओं का HMIS, यू-विन (U-Win) और अनमोल (Anmol) पोर्टल पर समय पर पंजीयन कर नियमित जांच व फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए।
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हाईरिस्क (उच्च जोखिम) गर्भवती महिलाएं: कम हीमोग्लोबिन व अन्य बीमारियों से ग्रसित हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की अलग सूची तैयार कर उनकी सतत निगरानी की जाए। इनके उपचार और रेफरल में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं होगी।
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शत-प्रतिशत टीकाकरण: यू-विन पोर्टल पर टीकाकरण की जानकारी अपडेट रखी जाए और जिले में पूर्ण टीकाकरण (FIC) का 100% लक्ष्य हासिल किया जाए।
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मातृ मृत्यु की समीक्षा: मातृ मृत्यु के प्रत्येक मामले की गंभीरता से जांच कर कारणों का विश्लेषण किया जाए और इसकी जानकारी अनमोल व HMIS पोर्टल पर दर्ज की जाए।
2. गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग और टीबी उन्मूलन
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एचआईवी और सिफिलिस जांच: जिले की सभी गर्भवती महिलाओं की एचआईवी (HIV) और सिफिलिस जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए।
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एड्स सुरक्षा मिशन: स्क्रीनिंग केंद्रों पर एचआईवी, सिफिलिस और हेपेटाइटिस की जांच बढ़ाई जाए तथा रिएक्टिव मरीजों को पुष्टि के लिए ICTC केंद्रों में रेफर किया जाए।
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टीबी स्क्रीनिंग और निक्षय पोर्टल: टीबी स्क्रीनिंग अभियान में शत-प्रतिशत सफलता के लिए प्रयास हों। निक्षय पोर्टल पर प्रविष्टियां समय पर दर्ज की जाएं और ‘निक्षय मित्र फूड बास्केट’ कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से चलाया जाए। साथ ही सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में एक्स-रे सुविधा शुरू की जाए।
3. प्रशासनिक मुस्तैदी और सख्त कार्रवाई के निर्देश
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लापरवाही पर पेनाल्टी: सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों में अनावश्यक देरी होने पर संबंधित संस्था प्रभारी के विरुद्ध पेनाल्टी (जुर्माना) की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जनसुनवाई, पेंशन और जननी सुरक्षा/प्रसूति सहायता योजना के लंबित भुगतानों का तुरंत निराकरण किया जाए।
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रैंकिंग और प्रोत्साहन: राज्य स्तर पर जिले की रैंकिंग के 22 संकेतकों की समीक्षा की जाए। अच्छा काम करने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहित किया जाए और कमजोर प्रदर्शन करने वाली संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस जारी हो।
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डिजिटल रिपोर्टिंग अनिवार्य (मेडलीपर पोर्टल): चिकित्सकों द्वारा सभी MLC (मेडिको-लीगल केस) और पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट केवल मेडलीपर (MedLeaper) पोर्टल के माध्यम से ही भेजी जाएं। ऑफलाइन रिपोर्ट बिल्कुल स्वीकार नहीं की जाएगी और ऑफलाइन भेजने वालों को नोटिस जारी किया जाएगा।
📊 योजनाओं व संबंधित पोर्टल्स का वर्गीकरण
कलेक्टर का स्पष्ट संदेश: स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीण और उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा की जाए।

