टीकमगढ़ । धार्मिक नगरी ओरछा धाम के पर्यटक धर्मशाला में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के पहले दिन गाजे बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा वेत्रवती का पूजन एवं 51कलशों में पवित्र जल लेकर ओरछा धाम के विभिन्न मुख्य मार्गों से होकर रामराजा सरकार का वैदिक लौकिक मंत्रों द्वारा पूजन करके पर्यटक धर्मशाला के विस्तृत हॉल में व्यासपीठ पर भागवत महापुराण स्थापित किया गया और प्रथम दिवस की कथा में कथाव्यास डॉ. विकास शास्त्री हीरू महाराज द्वारा भागवत महापुराण कथा के माहात्म्य को सरस शैली में सुनाया गया डॉ. विकास शास्त्री ने भक्ति ज्ञान और वैराग्य की कथा सुनाई और कहा कि भागवत कथा श्रवण से भक्ति ज्ञान और वैराग्य में वृद्धि होती है भगवान प्रसन्न होते हैं और मायाजाल से छुटकारा मिलता है गोकर्ण उपाख्यान में धुंधुकारी की कथा में बताया कि मनुष्य जीवन पाकर जिसने अच्छे संस्कार और सदाचार को छोड़ कर अनैतिक और शास्त्र विरुद्ध काम किया उसे भयंकर प्रेत योनि प्राप्त होती है और बहुत दुख और कष्टमय जीवन होता है इसलिए मनुष्य को भगवान की मंगलमय कथा का रसास्वादन कर भगवान की सेवा पूजा करके जीवन को आनंदमय बना कर लौकिक और पारलौकिक परमार्थ की सिद्धि समय रहते कर लेनी चाहिए जीवन क्षणभंगुर है इसे सत्कर्म और सत्संग में ही लगाना चाहिए कथा के मुख्य यजमान और संयोजक भगवान की मंगलमय कथा के परम अनुरागी पंडित श्री मनोज पाण्डेय ब्रांच मैनेजर नागरिक बैंक जतारा ने कलश यात्रा में सपत्नीक महापुराण शिर पर रखा और आवाहित गणेश गौरी कलश नवग्रह षोडश मात्रिका सप्तघृतमात्रिका एवं महापुराण का वैदिक रीति से पूजन किया कथा श्रवण की और आरती करके भक्तों में प्रसाद वितरण किया श्री धाम वृंदावन से पधारे पंडित आकाश चौबे एवं पंडित शुभ चौबे भागवत महापुराण के 18 हजार श्लोकों का मूल पारायण एवं आवाहित देवी देवताओं का पूजन करा रहे हैं कथा का समय दोपहर 1 बजे सायं 5 बजे तक है सभी भक्तों से कथा में सम्मिलित होने और उसका श्रवण कर धर्म लाभ लेने की अपील की गई है।

