प्रदीप गुप्ता/ नर्मदापुरम / गिन्नी कंपाउंड में चल रही कथा के तृतीय दिवस व्यास गादी से मानस सुमन पंडित सदभव तिवारी ने वर्णन करते हुए बताया कि परीक्षित जी ने सुखदेव जी से सृष्टि के कल्याण के लिए प्रश्न पूछा कि जीवात्मा किस प्रकार से मोक्ष एवं भगवत प्राप्ति के मार्ग की ओर मार्ग की ओर प्रशस्त हो सकता है। सुखदेव जी वर्णन करते हुए बताते हैं कि भगवान से संबंध स्थापित कर कर मृत्यु के भय से भी बरी हुआ जा सकता है और साथ ही साथ भगवत प्राप्ति भी सहज में ही प्राप्त की जा सकती है। भगवत कृपा से भगवत कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त होता है। भगवान की कृपा के बिना जीव साधन पूर्ण होते हुए भी लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सकता निष्काम होकर एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए भगवान श्री कृष्ण का भजन करना चाहिए। भगवान तो प्रेम के आदमी हैं ध्रुव जी विदुर जी भरत जी आदि ने प्रेम के पास में बंधन में ठाकुर जी को बनता है एवं मन के संयम के लिए योग सत्संग एवं ध्यान का हिस्सा लेना चाहिए, इंद्रियों को संयमित करने का एक साधन है भगवत समर्पण।

