प्रदीप गुप्ता /नर्मदापुरम / तृतीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश इटारसी श्रीमति सुशीला वर्मा द्वारा दिनांक 23/01/2023 को इटारसी बाजार में हत्या और हत्या का प्रयास करने वाले आरोपीगण को आजीवन कारावास व अन्य दंण्ड से दण्डित किया। जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार नेमा ने बताया कि घटना दिनांक 18/09/2017 को फरियादी चिराग केवट द्वारा रिपोर्ट लेख कराई कि वह तथा उसकी बुआ का लड़का सागर केवट स्कूटी से स्टेट बैंक तरफ से बाजार तरफ जा रहे थे, स्कूटी सागर केवट चला रहा था कि जैसे ही गुरूनानक काम्प्लेक्स के सामने पहुंचे दो लड़के पैदल जा रहे थे, जिनसे मोटर सायकिल टच हो गई, वह दोंनो लड़के बहस करने लगे, फरियादी द्वारा उनसे कहा बहस मत करो, उनमें से एक लड़के ने उसे धक्का मार दिया तथा दूसरे लड़के ने जान से मारने की नियत से चाकू सीना पर मारा, जो बाया हाथ सामने कर दिया तो हाथ में चाकू का बार लगा खून निकलने लगा, बचने के लिए पीछे हुआ, सागर मांझी समझाने के लिए स्कूटी से उतरा तो सागर के सीना पर लगातार बार कर चोट पहुंचाई और दोनों लड़के भाग गये, सागर मांझी खून से लथपथ हो गया और पूलगेम के सामने जाकर गिर गया, रीतेष एवं एक अन्य व्यक्ति की मदद से स्कूटी से सरकारी अस्पताल लेकर गये, जहां सागर मांझी को डॉक्टर द्वारा मृत्यु होना बताया। अज्ञात दो व्यक्तियों द्वारा चिराग केवट पर जाने से मारने की नियत से चाकू से हमला किया गया एवं चाकू से सीना कंधा पर चोट पहुंचाकर हत्या की गई। उक्त रिपोर्ट पर देहाती नालसी अप0क्र0 0/17, धारा 302, 307, 34 भादवि के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। अनुसंधान उपरांत न्यायालय में अभियोग पत्र द्वारा धारा 302, 307, 102, 34 भादवि एवं 25 आयुद्य अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पत्र पेश किया। न्यायालय के समक्ष अभियोजन द्वारा घटना के चश्मदीद साक्षीगण तथा आरोपी मुकेश से जप्त चाकू तथा कपडे से संबंधित वैज्ञानिक रिपोर्ट के माध्यम से अपराध किया जाना साबित किया । प्रस्तुत साक्ष्य पर विश्वास करते हुये न्यायालय द्वारा आरोपीगण को दण्डित किया गया। न्यायालय तृतीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश इटारसी द्वारा आरोपीगण रोशन पिता राजेन्द्र प्रसाद केवट, उम्र-20 वर्ष, नि0 पीपल मोहल्ला, गोलनदाज की चाल इटारसी जि0 नर्मदापुरम, मुकेश पिता श्रीराम राजपूत उम्र- 26 वर्ष, नि0 पीपल मोहल्ला, बर्तन वाली की चाल इटारसी, जि0 नर्मदापुरम को निम्न धाराओं में कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।

