प्रदीप गुप्ता/ नर्मदापुरम / जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार नेमा ने बताया कि फरियादिया जिसकी उम्र लगभग 13 साल कि है जो कक्षा 9 वी मे प़ढ रही है। आरोपी अरुण कहार फरियादिया के उपर गंदी नजर रखता था और स्कूाल आते जाते समय उसका पीछा करता था पर डर के कारण उसने यह बात किसी को नही बतायी थी । घटना दिनांक 12-07-2022 को दोपहर में निस्तार के लिए घर के पीछे जंगल मे गई थी तभी आरोपी अरुण कहार मेरे पीछे पीछे आया और गलत नियत से मेरा हाथ पकड कर खीचने लगा। मैं चिल्लाई तो आरोपी अरुण कहार मुझसे बोला की रिपोर्ट की तो जान से खतम कर दूगां और भाग गया। फिर फरियादिया ने घर आकर यह बात अपनी मौसी औऱ मामी को बताई थी। फरियादिया द्वारा उक्तर घटना की जानकारी अपने मौसाजी को दी। जिसकी रिपोर्ट अभियोक्त्री ने अपने मौसाजी के साथ थाना- स्टेशन रोड पिपरिया में जाकर दर्ज करायी। पुलिस द्वारा प्रकरण को विवेचना में लिया गया। प्रकरण की विवेचना उपरांत अभियोग पत्र विशेष न्यायालय पाक्सो एक्ट नर्मदापुरम के समक्ष पेश किया गया। विचारण दौरान न्यायालय द्वारा अभियोजन साक्षियों और दस्तावेज के आधार पर आरोपी को धारा- 354 भादवि एवं धारा- 7/8 पाक्सो् एक्टअ में दोषी पाया। प्रकरण में शासन की ओर से प्रकरण में अति. जिला अभियोजन अधिकारी लखन सिंह भवेदी द्वारा पैरवी की गयी। आरोपी को धारा-354 भादवि में 01 वर्ष का कारावास व 2000 रूपये अर्थदंड एवं धारा- 7/8 पाक्सोक एक्ट में 3 वर्ष का कारावास व 2000 रूपये अर्थदंड से दण्डित किया गया।

