टीकमगढ़. जिले में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण तिल की फसल में रोगों का खतरा बढ़ गया है। हवा में करीब 90 फीसदी नमी फफूंदजनित रोगों के लिए अनुकूल माहौल बना रही है।
महाविद्यालय कृषि, टिकमगढ़ के तिल फसल विशेषज्ञ डॉ. शोभाराम ठाकुर ने बताया कि इस मौसम में तिल में सर्कोस्पोरा लीफ स्पॉट/लीफ ब्लाइट, अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट, फाइटोफ्थोरा ब्लाइट और तना व जड़ सड़न जैसे रोग तेजी से फैल सकते हैं। किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है।
पत्तियों पर भूरे-धूसर धब्बे हैं Cercospora के लक्षण
डॉ. ठाकुर के अनुसार, सर्कोस्पोरा रोग में पत्तियों पर छोटे भूरे से धूसर रंग के धब्बे बनते हैं। अनुकूल मौसम मिलने पर ये धब्बे आपस में मिल जाते हैं और पत्तियां सूखने लगती हैं। लगातार बारिश में पत्तियों पर नमी टिके रहने से संक्रमण बहुत तेजी से फैलता है। इसलिए रोजाना खेत का निरीक्षण जरूरी है।
जलभराव रोकें, रोगी पौधों को खेत से हटाएं
वैज्ञानिक ने कहा कि सबसे जरूरी है खेत में पानी न भरने देना। अतिरिक्त वर्षा जल की तुरंत निकासी करें। जो पौधे रोगग्रस्त या सूख गए हैं, उन्हें उखाड़कर खेत से दूर नष्ट कर दें ताकि रोग दूसरे पौधों में न फैले। खेत को खरपतवार मुक्त रखना भी जरूरी है।
प्रारंभिक अवस्था में ऐसे करें दवा का छिड़काव
पत्ती धब्बा और झुलसा रोग की शुरुआती अवस्था में अनुशंसित फफूंदनाशी का उपयोग किया जा सकता है।
Mancozeb 75 WP @ 2 से 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव किया जा सकता है।
वहीं झुलसा और तना-जड़ सड़न जैसे रोगों के लिए Metalaxyl + Mancozeb आधारित Redomil/Ridomil प्रभावी है। बाजार में उपलब्ध 100 ग्राम के पैकेट में दो 50 ग्राम के पैकेट होते हैं। एक टंकी के लिए 50 ग्राम यानी एक पैकेट घोलकर समान रूप से छिड़काव करें। दवा का उपयोग हमेशा लेबल और स्थानीय कृषि सलाह के अनुसार ही करें।
डॉ. ठाकुर ने विशेष रूप से कहा कि लगातार बारिश के दौरान या पत्तियां पूरी गीली होने पर छिड़काव न करें। मौसम खुलने और पत्तियां सूखने के बाद ही स्प्रे करें। शुरुआती अवस्था में ही नियंत्रण करने से नुकसान काफी कम हो जाता है।
फाइलोडी दिखे तो तुरंत उखाड़ें पौधा
यदि खेत में फाइलोडी रोग के लक्षण दिखें तो रोगग्रस्त पौधों को तुरंत उखाड़कर नष्ट करें और रोग फैलाने वाले कीटों का नियंत्रण करें। पत्तियों पर धब्बे, झुलसा, तना गलना, जड़ सड़ना या अचानक मुरझाना दिखे तो तुरंत कृषि वैज्ञानिकों या कृषि विभाग से संपर्क करें।
इस दौरान भारतीय किसान संघ के टीकमगढ़ तहसील अध्यक्ष रामचंद्र श्रोत्रिय भी उपस्थित रहे।

