नर्मदा पुरम /प्रदीप गुप्ता /द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश इटारसी सुश्री सविता जड़िया द्वारा दिनांक 21/02/2023 को आरोपी राहुल कवड़े उम्र- 22 वर्ष,बेतूल को धारा 376 ए बी में मृत्युदण्ड एवं 5000 रूपये जुर्माना, 376 2 बी में आजीवन कारावास एव 5000 जुर्माना, 302 भादवि में मृत्युदंड 5000 रूपये जुर्माना, 363 भादवि में 03 वर्ष का कारावास एवं 1000 रूपये जुर्माना, 5एम/6 में मृत्युदंड एवं 5000 रूपये जुर्माना, 5एन/6 में मृत्युदंड एवं 5000 रूपये जुर्माना से दण्डित किया गया। जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार नेमा ने बताया कि फरियादी द्वारा इस आशय कि रिपोर्ट दर्ज कराई कि वे लोग चार बहन भाई है एवं उसकी एक बहन है, जिसकी शादी डाबरी के राहुल कवडे से हुई है तथा फरियादी के दोनों बच्चे गांव में ही स्कूल जाते है। दिनांक 17/11/2022 दिन गुरूवार को रात में उसका बहन जवाई राहुल कवड़े , उम्र-22 वर्ष, बैतूल मोटरसाइकिल से उसके घर मेहमानी के लिये आया था, जो घर पर ही थे। घटना दिनांक 18/11/2022 को फरियादी एवं उसकी पत्नि दोनों सुबह 8 बजे मजदूरी करने रैसलपाठा गये थे। उसका छोटा भाई मजदूरी करने सुबह 6 बजे इटारसी गया था। उसके पिताजी रात में ही खेत जागल गये थे जो घर वापस नहीं आये थे। घर पर उसकी मां तथा उसके दोनों बच्चे एवं उसका दामाद राहुल था। वह तथा उसकी पत्नि मजदूरी करके को घर गये, तो उसकी मां ने बताया कि आज सुबह 10-11 बजे अभियोक्त्री को दामाद राहुल लेकर गया था जो करीब दोपहर 12 बजे घर आया। राहुल ने बताया कि उसने अभियोक्त्री को दुर्गेश की दुकान के पीछे छोड़कर दारू भट्टी सुखतवा गया था। अभियोक्त्री 10-11 बजे से घर पर नहीं थी। फरियादी को ऐसा लगा कि उसकी लड़की को कोई बहला फुसलाकर भगाकर ले गया है। अभियोक्त्री को उसने तथा उसके दामाद राहुल एवं गांव के लोगो ने गांव में तथा आस-पास के गांव में एवं जंगल नदी नालों में तथा रिश्तेदारी में सभी जगह तलाश किया परंतु अभियोक्त्री का कोई पता नहीं चला। फरियादी के कथनों के आधार पर अभियुक्त के विरूद्ध धारा 363, 302 भादवि के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान अभियुक्त को दिनांक 19/11/2022 को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त से पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने बताया कि उसने अभियोक्त्री को दिनांक 18/11/ 2022 को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर जंगल में पेड़ के नीचे अभियोक्त्री के साथ जबरदस्ती बुरा काम (दुष्कर्म) किया एवं यह सारी बाते अभियोक्त्री द्वारा अपने घर पर बताने का कहने पर अभियुक्त ने मौके पर ही अभियोक्त्री की गला दबाकर हत्या कर दी एवं अभियोक्त्री को जंगल में कही छोड दिया। विवेचना अधिकारी गौरव बुंदेला द्वारा अभियुक्त के विरूद्ध धारा 363, 376(2)एफ, 376(एबी), 302 भादवि एवं 5/6(एम)(एन) पाक्सों एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया एवं विवेचना पूर्णअभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। संचालक अन्वेष मंगलम के मार्गदर्शन में अभियोजन द्वारा 34 साक्षियों का परीक्षण कराकर 122 दस्तावेजों को प्रमाणित को कराया 21 दिवस की कुल विचारण अवधि में प्रकरण का त्वरित निराकरण करवाया गया। शासन की ओर जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार नेमा एवं पैरवीकर्ता अति. जिला अभियोजन अधिकारी एच.एस. यादव ने अंतिम तर्क पेश किये साथ ही पैरवी के दौरान सहायक जिला अभियोजन अधिकारी रविन्द्र अतुलकर एवं मनोज जाट द्वारा अभियोजन को सहयोग किया गया। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्षियों, दस्तावेजों एवं अंतिम तर्क से सहमति होते हुये अभियुक्त को दण्डित किया गया। द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश इटारसी द्वारा 376 एबी में मृत्युदण्ड एवं 5000 रूपये जुर्माना, 376 2 बी में आजीवन कारावास एव 5000 जुर्माना, 302 भादवि में मृत्युदंड 5000 रूपये जुर्माना, 363 भादवि में 03 वर्ष का कारावास एवं 1000 रूपये जुर्माना, 5एम/6 में मृत्युदंड एवं 5000 रूपये जुर्माना, 5एन/6 में मृत्युदंड एवं 5000 रूपये जुर्माना से दण्डित किया गया। साथ ही मृतिका के माता पिता को प्रतिकर राशि 5-5 लाख रूपये प्रतिकर दिलाये जाने का आदेश भी किया गया ।

